IndiaPoliticsUttar Pradesh

SC/ST एक्ट: 10 राज्‍यों में आगजनी और तोड़फोड़ के बीच कई की मौत, 3 जिलों में कर्फ्यू

एससी/एसटी संगठनों के नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट एससी/एसटी एक्‍ट को पूर्व की स्थिति में फिर से बहाल करे।

अजीत राय भट्ट
नई दिल्ली। एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों के भारत बंद से हालात बिगड़ गए हैं। दस राज्‍यों में हिंसक प्रदर्शन में 8 लोग मारे गए हैं। मध्‍य प्रदेश के आईजी लॉ एंड ऑर्डर मार्कंड ड्यूस्‍कर ने बताया कि मुरैना, ग्‍वालियर और भिंड की हिंसक घटनाओं में पांच लोग मारे गए हैं। ग्‍वालियर में 19 लोग घायल भी हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक है। यूपी के मेरठ और राजस्‍थान में भी एक-एक व्‍यक्ति की मौत हुई है। बिहार से भी एक बच्‍चे की मौत की सूचना है। मेरठ और आगरा में आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले सोमवार तड़के उड़ीसा के संभलपुर में लोग रेल पटरियों पर जमा हो गए और ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। इसके अलावा कई राज्‍यों से प्रदर्शनकारियों द्वारा सार्वजनिक परिवहन व्‍यवस्‍था को ठप करने की सूचना है। सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। स्कूल बंद रहेंगे और बसें भी सड़कों पर नहीं चलेंगी।


बिहार के वैशाली में 1 बच्‍चे की मौत
भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने सर्तकता बढ़ा दी है। बिहार/वैशाली जिले के महनार में एक बच्‍चे की मौत की सूचना है। बंद समर्थकों ने महनार में गंभीर रूप से बीमार एक बच्‍चे को अस्‍पताल में भर्ती कराने ले जा रहे एम्‍बुलेंस को रास्‍ते में घंटों रोके रखा। समय से इलाज न होने के कारण बच्‍चे की वहीं पर मौत हो गई।

पंजाब के सीएम ने की शांति बनाए रखने की अपील
पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है। सुरक्षा बलों ने आज एहतियात के तौर पर राज्य के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च निकाला। सरकार ने तीन अप्रैल तक कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। सीएम अमरिंदर सिंह ने राज्य के लोगों खासकर अनुसूचित जाति के सदस्यों से संयम बरतने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद रखने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं। पंजाब में बंद को सत्ताधारी कांग्रेस के सांसदों व विधायकों ने बंद को समर्थन दिया है।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

इन संगठनों की क्‍या है मांग
एससी/एसटी संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पूर्व की तरह लागू किया जाए।

रविशंकर प्रसाद ने भी किया कांग्रेस पर हमला
इससे पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जानकारी दी थी कि सरकार ने SC/ST एक्ट मामले में रिव्यू पेटिशन फाइल की है. उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस बताए बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न 1990 में जाकर क्यों मिला, जब मिला तब वीपी सिंह सरकार को बीजेपी का समर्थन था।

उन्होंने कहा कि 1956 में अंबेडकर का निधन हुआ था, इतने लंबे वक़्त तक कांग्रेस सरकारों ने उनको भारत रत्न क्यों नहीं दिया था. रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Close