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SAPA – BSP को अलग नहीं कर सकती, भारतीय जनता पार्टी : मायावती

सौरभ शुक्ला
लखनऊ। BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि बीजेपी उन्हें बार-बार 1995 के गेस्ट हाउस कांड की याद दिला रही है जिसमें उन्हें मारने की कोशिश की गई थी. मायावती ने कहा कि उस घटना से अखिलेश का नाम जोड़ना सही नहीं है।

राज्यसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी को बीजेपी से मिली हार के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बीजेपी पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया, साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी चाहे जितने गलत रास्ते अपना ले वह सपा-बसपा के रिश्तों को तोड़ नहीं सकती है।

मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस चुनाव में धनबल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया. मायावती के कहा कि बीजेपी ने ये सब सपा-बसपा की दोस्ती को तोड़ने के लिए किया. उन्होंने कहा कि उनके इन मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।

उन्होंने ने कहा कि चुनाव में पूरी तरह से अराजकता का माहौल दिखा। “हम बीजेपी के खिलाफ लड़ते रहेंगे. मैं उन सभी विधायकों के हिम्मत की बधाई देती हूं जिन्होंने बीजेपी के डर में आकर क्रॉस वोटिंग नहीं की.” बीजेपी पर आरोप लगाते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा और बसपा के विधायकों को वोट डालने से रोका गया. मायावती ने कहा कि बीजेपी ने विधायकों पर पुलिस का खौफ दिखाकर धमकाया. जिससे उन्होंने डर कर बीजेपी के पक्ष में वोट डाला।


2019 लोकसभा चुनाव लड़ेंगे मजबूती से
बसपा प्रमुख ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए उनकी पार्टी मजबूती से लड़ेगी।

धोखेबाज व MLA को किया निलंबित
मायावती ने कहा, “हमारी पार्टी के एक विधायक अनिल सिंह ने धोखा दिया जिसे पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक कैलाश नाथ सोनकर ने अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर बसपा को वोट दिया.” मायावती ने कहा कि बीजेपी की तरफ से विधायकों को तमाम प्रलोभन देकर अपने खेमे में शामिल करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि सपा-कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल बसपा को समर्थन कर रहे थे. भाजपा ने अपने नौवें उम्मीदवार को मैदान में उतारकर विपक्ष की चुनौती बढ़ा दी थी. लिहाजा क्रॉस वोटिंग के चलते बसपा का प्रत्याशी चुनाव हार गया।

अखिलेश यादव नए हैं राजनीती में!
मायावती ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ‘कुंडा के गुंडा’ कहे जाने वाले राजा भैया पर भरोसा करना उचित नहीं है. अखिलेश के लिए उन्होंने कहा कि वह राजनीति में नए हैं और धीरे-धीरे मजबूत होंगे. मायावती ने कहा कि गेस्ट हाउस कांड को अखिलेश से जोड़ना उचित नहीं. जब यह कांड हुआ था तब अखिलेश जी राजनीति में नहीं थे. बसपा और सपा का ये मेल अटूट है. उन्होंने कहा, “जिस पुलिस अधिकारी के सामने यह कांड हुआ था उसे बीजेपी की योगी सरकार ने यूपी का डीजीपी बना दिया है. क्या बीजेपी मुझे मारना चाहती है?”

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