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ICU में नाबालिग लड़की से किया गैंगरेप, पीड़िता ने होश में आने पर बताई आपबीती

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एक नाबालिग लड़की के साथ आईसीयू में गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने कंपाउंडर और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दीपक कुमार
बरेली। यूपी के बरेली में एक निजी अस्पताल में किशोरी से गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां आईसीयू में भर्ती नाबालिग लड़की के साथ अस्पताल के कंपाउंडर व स्टाफ के 4 अन्य लोगों ने गैंगरेप किया। यह घटना शुक्रवार की शाम को सामने आई, जब वह वापस होश में आई और उसने अपनी मां को को पूरी घटना के बारे में बताया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बदायूं रोड स्थित मेधांस हॉस्पिटल में 5 दिन पहले भमोरा की एक किशोरी को खेत पर काम करते वक्त सांप ने काट लिया था। जिसके बाद उसे मेधांस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। किशोरी ने बताया की रात के वक्त जब आईसीयू में कोई भी मरीज नही था, तो उस दौरान कंपाउंडर व उसके 4 अन्य साथियों ने उसको नशे का इंजेक्शन दिया और जब उसने विरोध किया तो उसके हाथ-पैर और मुंह को बांध दिया गया। इसके बाद पांचों ने उसके साथ गैंगरेप किया।

शिकायत के आधार पर, अस्पताल के कंपाउंडर सुनील कुमार और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 D (गैंगरेप) और POCSO अधिनियम के प्रासंगिक खंडों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि लड़की को बेहोश की हालत में फिर से आईसीयू में ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब वह होश में आती है तो उसका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा।

यादव ने कहा, हमने मामले में जांच शुरू की है। जब मैंने मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच की, तो मैंने पाया कि लड़की सहित आठ मरीज आईसीयू में मौजूद थे, जब घटना हुई। हम सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित सबूत इकट्ठा कर रहे हैं।

लड़की के पिता ने कहा, आईसीयू में भर्ती होने के बाद हमें किसी ने भी हमारी बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी। सामान्य वार्ड में ट्रांसफर होने के बाद उसने अपनी मां को इस बारे में बताया। अगर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती है, तो हम सहायता के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क करेंगे।

एसपी कहा कि अस्पताल में लगें सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाएगी और जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के स्टाफ को हिरासत नहीं लिया है।

इस बीच, अस्पताल के निदेशक ने कहा, यह एक झूठी शिकायत है। सुनील कुमार तीन साल से हमारे साथ काम कर रहा है। मैंने सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच की है और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज प्रदान किए हैं।

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