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Happy Teacher’s Day 2018 : मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय बहुत खराब लगता है जब शिक्षक पुरस्कार के लिए सिफारिश लगवाते है। बेहतर काम करें तो सरकार और समाज उनका खुद-ब-खुद सम्मान करेगी।

सौरभ शुक्ला
लखनऊ। शिक्षक दिवस (Teachers day) पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। लोकभवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री से राज्य अध्यापक पुरस्कार पाकर शिक्षकों के चेहरे खिल उठे। राज्य शिक्षक पुरस्कार-2017 के लिये 17 बेसिक शिक्षकों को चयनित किया गया था, जिनकी सूची एक दिन पहले जारी कर दी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य अध्यापक पुरस्कार समारोह का शुभारंभ किया।

अंशकालिक शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जन्मतिथि (25 दिसंबर) पर राज्य सरकार प्रदेश के स्व वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के अंशकालिक शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेगी।

योगी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जो प्रदेश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, हम उसकी सेवा के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर देंगे.” उन्होंने कहा कि मेहनत करके आगे आने वाले प्रतिभाओं को हतोत्साहित करने वालों को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार से तनख्वाह लेने वाले शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। उन्हें धरना-प्रदर्शन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। सरकार समय से पहले ही उनकी हर जायज मांग मान लेगी। उन्होंने शिक्षकों से शत-प्रतिशत साक्षरता लाने का आह्वान भी किया।

उन्होंने कहा कि यह बहुत खराब बात है कि हर स्तर के सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाते हैं। मैं आह्वान करता हूं कि आप अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। साथ ही शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाएं।

उन्होंने शिक्षकों को सिर्फ 4-5 घंटे पढ़ाने तक सीमित न रहने की नसीहत देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री और अफसर 12-18 घंटे तक काम कर रहे हैं, तब समाज हित में बेहतर परिणाम दे पा रहे हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने में सफल हुए हैं। पता चला कि परीक्षा छोड़ने वाले 15 लाख विद्यार्थियों में अधिकतर जम्मू-कश्मीर, नेपाल और बिहार के थे। नकल माफिया उन्हें बिना परीक्षा दिए ही पास करा दिया करते थे।

सीएम ने कहा, यूपी तभी देश का नेतृत्व कर सकता है, जब उसकी शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो। हमने शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू कर दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी जोड़ेंगे। शिक्षकों को कुछ टार्गेट दिए जाएंगे। कितने अफसोस की बात है कि दुनिया के टॉप-100 विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। इस स्थिति को बदलना होगा। कुछ केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला भी किया है।

वित्तविहीन शिक्षक संगठन के आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का पेशा ही धरना-प्रदर्शन करना बन गया है। पिछले जन्म में उन्होंने कुछ ऐसे कर्म किए होंगे कि जिसका फल उन्हें लगातार धरना-प्रदर्शन करते रहने का मिल रहा है। सिर मुंडवाते फिर रहे हैं। आज वे लोग भी शिक्षक का सम्मान मांग रहे हैं, जो इसकी योग्यता नहीं रखते। जब कठघरे में खड़े होते हैं तो दाएं-बाएं झांकते हैं।

सीएम ने कहा, उस वक्त काफी खराब लगता है, जब शिक्षक पुरस्कार के लिए सिफारिश लगवाते हैं। बेहतर काम करें तो सरकार और समाज उनका खुद-ब-खुद अनुकरण करेगी। व्यक्ति अपने काम से महान होता है। विरासत में राजनीति पाने वाले सार्वजनिक मंचों पर कैसे अपमानित होते हैं, इसे हम सब देखते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन शिक्षकों को किया सम्मानित-
– अल्पा निगम- प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय तिलौली, सरदारनगर, गोरखपुर
– आशुतोष आनंद- सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मियांगंज, दरियाबाद, बाराबंकी
– राम जनम सिंह- सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय चकवाखुर्द, बसरेहर, इटावा
– मनीष वर्मा- सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय दलीप पुरवा, शिक्षा क्षेत्र मनकापुर, गोंडा
– उमेश चंद्र राजपूत- सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुबरिया क्षेत्र, नरैनी, बांदा
– ऋतु जमाल- प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय उसरू, मसौधा, फैजाबाद
– रवि प्रताप सिंह- प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय धौरहरा, शिक्षा क्षेत्र करनैलगंज, गोंडा
– कौसर जहां- प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय फफूंडा-1, मेरठ
– शशि प्रभा सचान- सहायक अध्यापिका, पूर्व माध्यमिक विद्यालय भदेसा, सरवनखेडा, कानपुर देहात
– नीता जोशी- प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय लखौरा, क्यारा, बरेली
– अनुज कुमार शर्मा- प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मदन जुड़ी, बिसौली, बदायूं
– कृष्ण मुरारी उपाध्याय- सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पठा (अंग्रेजी माध्यम), ललितपुर
– नीलम भदौरिया- प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय पहरवारपुर, शिक्षा क्षेत्र मलवां, फतेहपुर
– वीरेंद्र सिंह- प्रधानाध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, भरोसा, काकोरी, लखनऊ
– मुहम्मद इकबाल- प्रधानाध्यापक, मॉडल प्राथमिक विद्यालय, देवमी, वनकटी, बस्ती
– खुर्शीद हसन- सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय हस्तिनापुर, बड़ागांव, झांसी
– ओमबीर सिंह- सहायक अध्यापक, कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी श्याम, कांधला।

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