NewsUttar Pradesh

CM ने बुलाई जिलाधिकारियों की बैठक, असंतुष्ट होने पर लगाई क्लास

मुख्यमंत्री ने दो अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने का लक्ष्य रखा है।

हिमानी बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा और प्रदेश को ओडीएफ घोषित करने के लिए रणनीति पर जिलों के डीएम संग बैठक की। सचिवालय के तिलक हाल में रविवार को हुई बैठक में नए नियुक्त मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय सहित कई प्रमुख अधिकारी शामिल हुए।

सीएम योगी ने इस बैठक में शौचालय निर्माण, गंगा किनारे गाँव के विकास और ओडीएफ गाँव पर समीक्षा करी. इस समीक्षा बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को जमकर फटकार लगायी।

इस मीटिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 75 जिलों के डीएम के साथ समीक्षा बैठक करी। जिसमें सीएम ने जिलाधिकारियों से विकास योजनायों की जानकारी ली। इस बैठक में शौचालय निर्माण, गंगा किनारे गांव के विकास और ओडीएफ गांव पर समीक्षा करी गयी। इस बैठक में यह भी ज्ञात हुआ कि कई जिलों की फर्जी विकास की रिपोर्टिंग भी की गयी है।

खुले में शौच मुक्त भारत अभियान के लिए कई जिलाधिकारियों  की क्लास भी लगायी गयी। ओडीएफ लक्ष्य हासिल करने की धीमी रफ्तार को लेकर सीएम योगी ने नाराजगी भी जताई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए। जिन जिलों में विकास कार्य ठीक से नहीं किया गया वहां के डीएम को फटकार भी लगायी। इस समीक्षा बैठक के दौरान 60 फीसदी से कम काम वाले जिलों के जिलाधिकारियों की सीएम योगी ने क्लास भी लगायी।

मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम योगी ने पहली बार सभी डीएम को एक साथ बुलाया था। बैठक में योगी ने कहा कि प्रदेश को ओडीएफ घोषित करने का 77.52 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस समीक्षा बैठक में मालूम हुआ कि प्रदेश के 18 जिलों में कम ओडीएफ का काम हुआ है। सबसे कम विकास की लिस्ट में उन्नाव,जौनपुर,हरदोई,सीतापुर,बाराबंकी,फैज़ाबाद जिले सबसे फिसड्डी सभी हुए।

वहीँ इलाहाबाद,रायबरेली,बलिया,बाँदा,बस्ती,महराजगंज जिलों की ओडीएफ प्रगति को लेकर भी सीएम नाखुश दिखे। खुले में शौच मुक्त  भारत के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों ने किया था 4 जिलों का दौरा किया था। जिसमे उन्नाव,हरदोई, सीतापुर,बाराबंकी जिले शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने दो अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने का लक्ष्य रखा है।

सीएम ने कहा कि जिलाधिकारी सिर्फ कागजों पर ही विकास कार्य न करें बल्कि खुद जाकर जिले का दौरा करे और कार्य प्रगति पर ध्यान दें। उन्होंने कहा जिलाधिकारी खुद मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें।

सीएम ने अल्टीमेटम देते हुए सभी जिलों के डीएम को कहा कि हर हाल में 30 सितंबर तक पूरा करवाये ओडीएफ के अधिकांश काम। सिर्फ कागजों पर न रहे शौचालय, शिकायत मिली तो होगी सख्त कार्रवाई।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Close