IndiaNews

CBI में हुए घमासान पर, जांच एजेंसी की विश्वसनीयता का मखौल नहीं बनने देंगे : अरुण जेटली

अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि सरकार सीबीआई की संस्थागत विश्वसनीयता का माखौल नहीं उड़ने देगी। उन्होंने कहा कि आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के आरोपों की जांच एसआईटी करेगी।

मनप्रीत कौर
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में चल रहे उथल-पुथल के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि जांच एजेंसी की संस्थागत विश्वसनीयता एवं ईमानदारी को कायम रखना जरूरी है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी का ‘मखौल’ न बनने पाए। वित्त मंत्री ने कहा कि सीबीआई के दो आला अधिकारियों ने एक-दूसरे पर जो आरोप लगाए हैं उसकी जांच एक एसआईटी करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘सीबीआई एक प्रमुख जांच एजेंसी है और इसकी संस्थागत निष्ठा बनाए रखने के लिए पूर्व शर्त यह है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो। सीबीआई के निदेशक ने स्पेशल डायरेक्टर पर आरोप लगाए हैं। स्पेशल डायरेक्टर पर सीबीआई ने आरोप लगाए हैं। सीबीआई के दो शीर्ष अफसर पर आरोप लगे हैं। सवाल है कि इसकी जांच कौन करेगा? इस मामले की जांच में निष्पक्षता की जरूरत है। सरकार इस मामले की जांच नहीं कर सकती।’

वित्त मंत्री ने कहा कि सीबीआई की जांच से संबंधित अधिकार केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के पास है। सीबीआई में भ्रष्टाचार के मामले की जांच का अधिकार सीवीसी के पास होता है। जांच निष्पक्ष तरीके से हो रहा है कि नहीं इसकी निगरानी का अधिकारी सीवीसी को है। दोनों अधिकारियों पर जो आरोप लगे हैं कि उससे संबंधित दस्तावेज सीवीसी के पास हैं।

जेटली ने कहा, ‘सीवीसी ने दोनों अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच एसआईटी से कराने की सिफारिश की है। साथ ही सीवीसी ने कहा है कि दोनों अधिकारी इस एसआईटी के प्रभारी नहीं होंगे और न ही उनकी निगरानी में जांच हो सकती है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी सिस्टम से बाहर रहेंगे और जांच में दोषमुक्त होने पर ही उनकी वापसी हो सकेगी।

अरुण जेटली ने विपक्ष के उन आरोपों को ‘बकवास’ बताया है जिनमें कहा गया है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा राफेल डील की जांच करने वाले थे। इसलिए उन्हें इस मामले में फंसाया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पूछा कि आलोक वर्मा क्या राफेल डील की जांच करने वाले थे। बता दें कि सरकार ने सीबीआई के दोनों अधिकारियों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है। वर्मा और अस्थाना दोनों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Close