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PM मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से की मुलाकात, आतंक और द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

एससीओ समिट के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचे पीएम मोदी ने समिट से इतर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से द्विपक्षीय मुलाकात की। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर भी चर्चा हुई।

वुहान समिट की सफलता के बाद मोदी ने शी को अगली अनौपचरिक समिट के लिए भारत आने का न्योता दिया
दोनों नेताओं के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई, बैठक में भारत के सुरक्षा सलाहकार भी थे मौजूद
इस साल भारत-चीन संबंधों के 70 साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में दोनों देश मिलकर 70 कार्यक्रम करेंगे।
भारत ने चीने से कहा कि पाक आतंक मुक्त माहौल बनाने की जरूरत है, इस दिशा में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

समय टुडे डेस्क
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO समिट से इतर पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बातचीत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भी मुद्दा उठा। दोनों नेताओं के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत में भारत ने पाकिस्तान को आतंक पर कड़े कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी से कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान आतंकवाद मुक्त क्षेत्र बनाने की कोशिश करे लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। पीएम ने कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान इसपर कोई ठोस कार्रवाई करे।

दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि पीएम और राष्ट्रपति शी विशेष तौर पर इसके लिए सहमत हुए हैं कि दोनों देशों को इन संबंधों से और बेहतर उम्मीदें हैं। दोनों नेता वुहान समिट की सफलता को लेकर भी सहमत हुए। इसी कड़ी में पीए मोदी ने राष्ट्रपति शी को अगली अनौपचारिक समिट के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया है। राष्ट्रपति शी इसी साल भारत के दौरे पर आएंगे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे।

गोखले ने बताया, ‘पीएम मोदी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच बेहतर हो रहे संबंधों का ही नतीजा है कि लंबे समय से पेंडिंग पड़े मुद्दों को सुलझा लिया गया है। इनमें बैंक ऑफ चाइना की भारत में ब्रांच खोलने और मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी लिस्ट में शामिल करने के मुद्दे प्रमुख हैं।

गोखले ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच पाकिस्तान को लेकर भी संक्षिप्त बातचीत हुई। मोदी ने शी से कहा कि पाकिस्तान को आतंक मुक्त माहौल बनाने की जरूरत है, लेकिन उसकी तरफ से ऐसा होता नहीं दिख रहा है। मोदी ने कहा कि भारत चाहता है कि पाक आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। गोखले ने बताया कि इस साल भारत और चीन संबंधों के 70 साल पूरे हो रहे हैं, दोनों देशों के बीच 70 कार्यक्रम करने का भी प्रस्ताव रखा गया। 35 इवेंट भारत में और 35 चीन में होने का प्रस्ताव है।

नरेंद्र मोदी के दूसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से यह उनकी पहली मुलाकात थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से आए एक ट्वीट में कहा गया, चीन के साथ संबंध और गहरे हो रहे हैं। एससीओ समिट के इतर पीएम मोदी की पहल मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई। दोनों नेताओं ने संबंधों को और मजबूत बनाने पर बात की। इसके अलावा खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, राष्ट्रपति शी के साथ एक बेहद सफल मुलाकात हुई। हमारी बातचीत में भारत-चीन संबंधों पर गंभीर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे।

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