PoliticsUttar Pradesh

आखिर क्यों जुड़ते है लोग, शिवपाल सिंह यादव के साथ

समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनते ही हज़ारों की तादाद में दिन प्रतिदिन युवा से ले करके बुजुर्ग कार्यकर्ता मोर्चे को मजबूती देने में लग गया है। ज्यादातर युवा वर्ग आदित्य यादव के जुड़ता नजर आ रहा है।

काव्या मिश्रा
लखनऊ। शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाते ही उनके कई चाहने वाले उनसे जुड़ गए और मोर्चे को मजबूती देने का कार्य करने लगे है क्योंकि शिवपाल जी से लोग व्यक्तिगत रूप से जुड़े थे उसका कारण ये है कि वे जमीनी नेता है इतने सरल स्वभाव के होने के कारण उनके समर्थक उनको भोले बाबा भी कहते है। अपने स्वभाव के कारण ही इनकी लोकप्रियता हर समाज के लोगो और हर उम्र के लोगो के बीच मे है, इनका सम्मान लगभग विपक्ष के सारे नेता करते है। ऐसा ही एक वाक्या लखनऊ निवासी अभिषेक शुक्ला ने बताया कि कैसे उन्होंने खुद उनके कार्य को देखा कि आम जनता हो या कार्यकर्ता जो भी उनके पास पहुचता है वो उनको निराश नही होने देते है वो उनकी हरसंभव मदद करते है।

मैं अभिषेक शुक्ला आप सब को अपनी बात बताता हूं। मेरा एक व्यक्तिगत कार्य था तब शिवपाल जी समाजवादी सरकार में मंत्री थे और कई विभाग इनके पास थे, मैं भी सुना करता था कि शिवपाल जी के पास गरीबो, किसानों का बड़ा जमावड़ा लगता है और वो सब की समस्या सुनते है और तुरंत कार्यवाही करवाते है। उस समय 20 -21 साल का था और राजनीतिक माहौल से बिल्कुल अलग था, राजनीति से मेरा और मेरे घर वालो का कोई सम्बन्ध नही था। मैं अपने व्यक्तिगत कार्य को लेकर शिवपाल जी के पास आने के लिए सोचने लगा लोगो से पता करने लगा कि शिवपाल जी किसी बाहरी से मिलते है कि नहीं समस्याओं को सुनते है कि नही चूंकि राजनीति से दूर होने के कारण मन मे थोड़ा डर था कि बड़े लोग है मुझसे बात करेंगे कि नही, मैं मिल पाऊंगा की नही ये सब डर होने के बावजूद भी मैंने सोचा कि मुझे जाना चाहिए बात करनी चाहिए गरीबो-मजदूरों, युवाओं-बुजुर्गों के नेता है। मेरी बात जरूर सुनेंगे मुझसे जरूर मिलेंगे, मेरी समस्याओं का हल जरूर निकालेंगे, यही सोच कर मैं माननीय शिवपाल जी से मिलने चला गया, इतनी भीड़ और इतने लोगो के होने के बावजूद शिवपाल जी एक एक लोगो की समस्या जिस तरह से पूछते और सुनते थे ये सब देख कर मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था कि वाकई में जो लोगो से मैंने सुना था शिवपाल जी ठीक वैसे ही है अब मेरा काम हो जाएगा।

शिवपाल सिंह यादव के साथ अभिषेक शुक्ला मुलाकात करते हुए।

इंतज़ार करने के बाद मेरा नम्बर आया मैं तो थोड़ा मन मे डरा हुआ था। इतने बड़े नेता से पहली बार मिल रहा था फिर शिवपाल जी ने मुझसे पूछा क्या समस्या है मैंने बताया फिर उस विभाग से जुड़े अधिकारी को फ़ोन किया और तुरंत कार्यवाही करने के लिए कहा और फिर मुझसे पूछे कि बेटा और कोई समस्या है मैंने कहा बस चाचा जी बस यही समस्या थी अपने इसे दूर कर दिया मै आपका रिड़ी हो गया
उन दिनों चाचा जी सिर्फ मंत्री थे लेकिन भीड़ मुख्यमंत्री वाली थी।

उस दिन से मै चाचा (शिवपाल) जी के लिए बहुत सारे कार्य किया चाचा जी मुझे जानते भी नही थे लेकिन मैं निरंतर उनसे जुड़े लोगों के सम्पर्क में आने लगा लोगो को चाचा से जोड़ने लगा मन मे ये भाव आ गया कि मुझे चाचा जी के लिए कार्य करना है ।

कुछ दिनों बाद मेरी पहली मुलाकात आदित्य जी से हुयी और वो भी मेरे व्यक्तिगत काम के ही सिलसिले में हुई उससे पहले मैं कभी भी उनसे नही मिला था उनसे मिलने के बाद जो अपनत्व मिला मुझे उनका फैन बना गया
आदित्य भैया भी चाचा शिवपाल की तरह बहुत ही सरल व्यक्तित्व के धनी है।

जब मैं जाने लगा तब आदित्य भैया ने अपने लोगो से कहा ये जब भी आये इनको अंदर बैठाया करो अगर मैं ना रहू तो भी इनको अंदर बैठाया करो और अगर मैं यहां न रहूं तो मुझे फ़ोन करके बात करा दिया करो। इतने बडे राजनीतिक घराने के होने के बावजूद जो इनका सादा पन है जो इनका सरल स्वभाव है। वो बहुत ही कम लोगो मे होता है यही कारण है कि मैं इनकी तरह खिंचता चला गया।

मुझे कोई राजनीति नही करनी ,मुझे विधायक नही बनना, मुझे सांसद नही बनना, बस मुझे अपने नेता शिवपाल जी और आदित्य भैया के लिये कार्य करना है। मेरी तरह पूरे प्रदेश के बहुत सारे लोग है जो ऐसा ही सोचते है और लगे हुए है।

मैं माननीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी के लियेे बस इतना ही कहूंगा। इससे ज्यादा कुछ नही कहूँगा।

मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत का
मैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close