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AIIMS में फुल लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी जी, हालत नाजुक

मनप्रीत कौर
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के एम्स में पिछले करीब 9 हफ्तों से भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वेंटिलेटर पर रखा गया और हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी है। उन्हें देखने के लिए बुधवार से ही लगातार मंत्रियों और राजनेताओं के पहुंचने का दौर जारी है। AIIMS आज कुछ ही देर में मेडिकल बुलेटिन जारी कर सकता है। इससे पहले बुधवार देर रात आए मेडिकिल बुलेटिन में बताया गया था कि उनकी हालत पिछले 24 घंटों में ज्यादा बिगड़ी है। अटल के गिरते स्वास्थ्य को लेकर हर कोई बेचैन है। पीएम मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री एम्स जा चुके हैं। गुरुवार सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी व मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अटल का हाल जानने पहुंचे।

इससे पहले बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AIIMS पहुंचकर बीजेपी के शिखर पुरुष का हाल जाना। प्रधानमंत्री मोदी रात करीब सवा 7 बजे AIIMS पहुंचे। वह करीब 10 मिनट तक अस्पताल में रहे और वाजपेयी का इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात कर पूर्व पीएम का हाल जाना। मोदी के अलावा कुल 6 केंद्रीय मंत्री अटल का हाल जानने एम्स पहुंचे थे। इनमें जितेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, सुरेश प्रभु आदि शामिल थे।

एम्स ने प्रेस रिलीज में बताया, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पिछले 9 सप्ताह से AIIMS में भर्ती हैं। पिछले 24 घंटों में दुर्भाग्य से उनकी स्थिति और बिगड़ी है। उनकी हालत नाजुक है और वह लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर हैं।’

वाजपेयी को गुर्दा (किडनी) नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बाद 11 जून को AIIMS में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। वह वेंटिलेटर सपॉर्ट पर रखे गए हैं और सीएन टावर स्थित आईसीयू में डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रखी हुई है। मधुमेह के शिकार 93 वर्षीय BJP नेता का एक ही गुर्दा काम करता है। 2009 में उन्हें स्ट्रोक आया था जिसके बाद उनकी सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो गई। बाद में वह डिमेंशिया से भी पीड़ित हो गए। जैसे-जैसे उनकी सेहत गिरती गई, धीरे-धीरे उन्होंने खुद को सार्वजनिक जीवन से दूर कर लिया।

वाजपेयी 3 बार प्रधानमंत्री रहे। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई। 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीनों तक चली थी। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया। 5 साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले वह पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं। नाजुक है। उन्हें फुल लाइफ सपॉर्ट पर रखा गया है। AIIMS आज कुछ ही देर में मेडिकल बुलेटिन जारी कर सकता है।

इससे पहले बुधवार देर रात आए मेडिकिल बुलेटिन में बताया गया था कि उनकी हालत पिछले 24 घंटों में ज्यादा बिगड़ी है। अटल के गिरते स्वास्थ्य को लेकर हर कोई बेचैन है। पीएम मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री एम्स जा चुके हैं। गुरुवार सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी व मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अटल का हाल जानने पहुंचे।

इससे पहले बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AIIMS पहुंचकर बीजेपी के शिखर पुरुष का हाल जाना। प्रधानमंत्री मोदी रात करीब सवा 7 बजे AIIMS पहुंचे। वह करीब 10 मिनट तक अस्पताल में रहे और वाजपेयी का इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात कर पूर्व पीएम का हाल जाना। मोदी के अलावा कुल 6 केंद्रीय मंत्री अटल का हाल जानने एम्स पहुंचे थे। इनमें जितेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, सुरेश प्रभु आदि शामिल थे।

एम्स ने प्रेस रिलीज में बताया, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पिछले 9 सप्ताह से AIIMS में भर्ती हैं। पिछले 24 घंटों में दुर्भाग्य से उनकी स्थिति और बिगड़ी है। उनकी हालत नाजुक है और वह लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर हैं।’

वाजपेयी को गुर्दा (किडनी) नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बाद 11 जून को AIIMS में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। वह वेंटिलेटर सपॉर्ट पर रखे गए हैं और सीएन टावर स्थित आईसीयू में डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रखी हुई है। मधुमेह के शिकार 93 वर्षीय BJP नेता का एक ही गुर्दा काम करता है। 2009 में उन्हें स्ट्रोक आया था जिसके बाद उनकी सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो गई। बाद में वह डिमेंशिया से भी पीड़ित हो गए। जैसे-जैसे उनकी सेहत गिरती गई, धीरे-धीरे उन्होंने खुद को सार्वजनिक जीवन से दूर कर लिया।

वाजपेयी 3 बार प्रधानमंत्री रहे। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई। 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीनों तक चली थी। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया। 5 साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले वह पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं।

ग्वालियर में कॉलेज के छात्रों ने अटल के स्वास्थ्य को लेकर किया हवन
जबकि, मध्य प्रदेश के ग्वालिय में गवर्नमेंट आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य के लिए हवन किया।

अटल वाजपेयी की भतीजी ने कहा- उनकी तस्वीर नहीं भुल सकता परिवार
उधर, अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी कांति मिश्रा ने उनके स्वास्थ्य को लेकर कहा- “मैं ईश्वर से प्रार्थना कर रही हूं कि एक बार फिर से उन्हें भाषण देते हुए देख सकूं। हमारा परिवार अपने दिमाग से उनकी उस तस्वीर को नहीं हटा सकता है। मैं उम्मीद करती हूं कि वह जल्द स्वस्थ हो जाएंगे।”

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