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हम ‘बंगाल’ विरोधी नहीं ‘ममता’ विरोधी है : अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार बनाएंगे तभी मुक्ति मिल सकती है। पहले जो बंगाल के अंदर रवींद्रनाथ का संगीत सुनाई पड़ता था, चैतन्य महाप्रभु का कीर्तन सुनाई पड़ता था, आज वहां बम धमाकों की आवाजें सुनाई पड़ती हैं।

श्वेता गुप्ता
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने टीएमसी को एनआरसी के मुद्दे पर जमकर घेरा। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इंदिराजी के जमाने में कहा जाता था कि इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा। अमित शाह ने कोलकाता में कई जगहों पर लगे बीजेपी विरोधी पोस्टरों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘हम बंगाल विरोधी नहीं ममता विरोधी जरूर हैं।’

शाह ने कहा, संसद के अंदर नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) पर चर्चा हो रही थी। ममता दीदी ने एनआरसी पर विरोध करने का काम किया। असम के अंदर से विदेशी घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकालने की प्रक्रिया एनआरसी है। एनआरसी ममताजी आपके रोकने से नहीं रुकेगी। असम के अंदर एनआरसी की प्रक्रिया को हम न्यायिक तरीके से समाप्त करेंगे।

ममता ने की थी घुसपैठियों को निकालने की मांग
शाह ने कहा, ‘एक समय था जब ये बांग्लादेशी घुसपैठिए कम्युनिस्ट पार्टी का वोटबैंक थे। उस समय ममता बनर्जी ने लोकसभा में हंगामा किया और बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने की मांग की, लेकिन अब वही बांग्लादेशी घुसपैठिए टीएमसी का वोटबैंक बन गए हैं। ममताजी, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष यह स्पष्ट करें कि आप देश को आगे रखते हो या वोटबैंक को आगे रखते हो। असम अकॉर्ड को राजीव गांधी ने बनाया। उस समय कांग्रेस को कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन आज वोटबैंक के चक्कर में राहुल गांधी अपना मत स्पष्ट नहीं करते।’

अमित शाह ने जनता से पूछा कि बंगाल के अंदर जो बम धमाके होते हैं, वह बांग्लादेशी घुसपैठिए करते हैं या नहीं करते हैं..। इसके बाद उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी यह भ्रांति फैला रही हैं कि एनआरसी के तहत शरणार्थी भी चले जाएंगे, लेकिन मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि शरणार्थियों को वापस भेजने का कोई कार्यक्रम नहीं है। शरणार्थियों को यहां रखना भारत सरकार की जिम्मेदारी है।’

शाह ने कहा, भ्रष्टाचार से यदि पश्चिम बंगाल को मुक्त करना है तो यदि नरेंद्र मोदी की सरकार बनाएंगे तभी मुक्ति मिल सकती है। पहले जो बंगाल के अंदर रवींद्रनाथ का संगीत सुनाई पड़ता था, चैतन्य महाप्रभु का कीर्तन सुनाई पड़ता था, आज वहां बम धमाकों की आवाजें सुनाई पड़ती हैं। टीएमसी शासन में बम और पिस्टल बनाने के कारखाने बढ़ रहे हैं।

डंके की चोट पर होगा दुर्गा विसर्जन
अमित शाह ने बेहद तल्खी भरे अंदाज में कहा कि टीएमसी के शासन में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नहीं करने देते, स्कूलों में सरस्वती पूजा बंद कर दी गई। बीजेपी प्रेजिडेंट शाह ने कहा, ‘हमारी सरकार बनने पर डंके की चोट पर दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन होगा, डंके की चोट पर स्कूलों में सरस्वती पूजा होगी।’ उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी ने फिर से विसर्जन रोकने की कोशिश की तो भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता ईंट से ईंट बजा देगा।

चैनल बंद कर, बीजेपी की आवाज दबाने की कोशिश
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘यह रैली इस बात की परिचायक है कि बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है। यह पश्चिम बंगाल श्यामा प्रसाद मुखर्जी, गाजी नजरुल इस्लाम, स्वामी विवेकानंद की भूमि है। आज के ही दिन खुदीराम बोस ने भारत मां के प्रति अपना बलिदान दिया था। बहुत समय से रैली तय है। रैली के दौरान व्यवधान डालने का काम किया गया। बंगाल की जनता रैली न देख पाए इसलिए सारे बांग्ला चैनलों को बंद कर दिया गया। ममताजी मैं बंगाल के हर जिले में जाऊंगा और टीएमसी को उखाड़ दूंगा। लोकतंत्र का इतिहास उठाकर देख लीजिए, जिन्होंने भी आवाज दबाने का काम किया है वह खत्म हो गए।’ उन्होंने कहा, ‘एयरपोर्ट से लेकर हर जगह पोस्टर लगाए कि बंगाल विरोधी वापस जाओ तो मैं बता दूं कि हमारी पार्टी की स्थापना ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की है।’

बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या मुद्दा उठाया
शाह ने बीते दिनों बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, ‘यहां 65 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है। टीएमसी मानती है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या करके बच जाएंगे, तो कम्युनिस्टों का शासन याद कर लो ममता दीदी। हत्या करनेवालों को गद्दी छोड़नी पड़ती है। वोट नहीं डालने दिया गया, पर्चा नहीं डालने दिया गया फिर भी सात हजार सीटों पर भारतीय जनता पार्टी विजयी रही है। विकास की हिस्सेदारी बंगाल की 25 फीसदी से तीन फीसदी हो गई है।’

शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी बंगाल को विकास नहीं दे सकती है। तीनों को जनता ने मौका दिया है, लेकिन तीनों विकास नहीं कर पाए हैं। केंद्र में कांग्रेस यानी यूपीए की सरकार थी, उस समय पांच साल में बंगाल के विकास के लिए 1 लाख 32 हजार करोड़ रुपये दिया था। नरेंद्र मोदी सरकार आई तो बंगाल को तीन लाख 59 हजार करोड़ रुपये दिया गया। उन्होंने जनता से पूछा, बंगाल के गांव के नागरिकों के पास रुपया पहुंचा है क्या, मोदीजी ने जो रुपया भेजा है वह भतीजे और सिंडिकट की भेंट चढ़ गया है।

रैली से पहले छिड़ा पोस्टर वॉर
अमित शाह की कोलकाता रैली से पहले बीजेपी और टीएमसी के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया। एक ओर जहां अमित शाह के स्वागत में जगह-जगह पोस्टर लगाये गये तो दूसरी ओर शहर के मायो रोड पर शाह और बीजेपी के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इनमें लिखा था- ‘एंटी-बंगाल बीजेपी गो बैक’ यानी बंगाल विरोधी बीजेपी वापस जाओ’।

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