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स्कूलों में एक घंटा अनिवार्य हो खेल का : नीलू मिश्रा

एथिलिटिक्स प्लेयर नीलू मिश्रा ने कहा कि सफलता तभी मिलती है, जब आप उसे छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांट कर आगे बढ़ते है और सफलता पाने का कोई शार्टकट नहीं होता है।

एस0 डी0 शुक्ला
वाराणसी।  स्कूल-कालेजों में खेल का एक घंटा अनिवार्य रूप से हो, तभी हम खेलों में शक्ति बना सकते है। यह कहना है एशिया पैसिफिक मास्टर्स गेम्स में दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीतने वाली नीलू मिश्रा का। बुधवार को मलेशिया से लौटने के बाद उन्होंने विद्या विहार कालोनी में संवाददाताओं को बताया कि सफलता तभी मिलती है, जब आप उसे छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांट कर आगे बढ़ते है। सफलता पाने का कोई शार्टकट नहीं होता है। मैं अब तक 57 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हूं, उसे इस सत्र में 70 तक पहुंचना है।

कोच रामअवध यादव ने कहा कि बनारस में सिंथेटिक ट्रैक का होना जरूरी है, आने वाले दिनों में यहां से कई और अच्छे एथलीट निकलेंगे।

मलेशिया से बुधवार को सुबह लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंचने पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बाबतपुर और मलदहिया पर तिलकराज कपूर, डा. ओपी सिंह, संतोष पहलवान, स्वतंत्र मिश्रा, साकिब भारत,आलोक शबनम और किरण सहित अनेक लोगों ने नीलू मिश्रा का स्वागत किया।

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