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सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर को प्राथमिकता नहीं दी, न्याय में देरी न्याय न देने के समान: मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में हुंकार रैली में राम मंदिर निर्माण को लेकर कानून बनाने की मांग की।

अजीत राय भट्ट
नई दिल्ली/नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में हुंकार रैली में कहा कि जल्द से जल्द अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कोर्ट के लिए राम मंदिर प्राथमिकता नहीं है। कोर्ट को राम मंदिर पर जल्द फैसला देना चाहिए। उन्होंने कहा, न्याय में देरी भी न्याय न देने के समान है। उन्होंने कहा, सत्य और न्याय को टालते रहना ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बन जाने के बाद सारे झगड़े खत्म हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कोर्ट में है। निर्णय जल्दी दिया जाना चाहिए। इससे यह भी साबित होता है कि मंदिर वहां था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को प्राथमिकता नहीं दी। न्याय में देरी न्याय न देने के समान है। अगर किसी कारण अपनी व्यास्तता के कारण ये पता नहीं अपनी समाज के संवेदना को ना जानने के कारण न्यायालय की प्राथमिकता नहीं है तो सरकार सोचे कि इस मंदिर को बनाने के लिए कानून कैसे आ सकता है और शीघ्र इस कानून को लाए। यही उचित है।

मोहन भागवत ने कहा, राम मंदिर पर अब धैय का वक्त बीत गया है। राम मंदिर के लिए दृढ़ निश्चय और वीरता चाहिए। राम मंदिर के लिए कानून बनाने के लिए जन दबाव जरूरी है। राम मंदिर पर सरकार जल्द कानून बनाए। पूरे भारत को राम मंदिर के लिए खड़ा होना पड़ेगा।

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