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युवाओं को भारत की शक्ति पहचाननी चाहिए : राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने सीएसजेएमयू के 33वें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि इंफोसिस में काम करने वाले युवा समाज के लिए कल्याणकारी हैं और अलकायदा के आतंकी विनाशकारी लेकिन शिक्षित दोनों ही है।

सौरभ शुक्ला/आनंद सिंह
कानपुर नगर। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि हमारा देश विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है और भारत को विश्वगुरू बनाने में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने अमेरिकन लेखक टॉम फ्रीज मैक की लिखित किताब ‘इंफोसिस बनाम अलकायदा’ को उदाहरण के तौर पर पेश किया। बोले, दोनों संगठनों में काम करने वालों के बीच कई समानताएं हैं। लेकिन फिर भी इंफोसिस में काम करने वाले युवा समाज के लिए कल्याणकारी हैं और अलकायदा के आतंकी विनाशकारी।उन्होंने कहा कि दोनों ही जगहों पर शिक्षित और समर्पित युवा काम करते हैं लेकिन फर्क सिर्फ नैतिक मूल्यों का है। नैतिक मूल्य नहीं होने से अलकायदा से जुडे युवा विध्वंसक बन गए।

गृहमंत्री ने ज्ञान के सदुपयोग को समझाते हुए कहा कि अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले में शामिल विमान का पायलट शिक्षित था, लेकिन उसने लोगों की जानें लीं। राजनाथ सिंह छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह को संबोधितकर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश मजबूत अर्थव्यवस्था बन कर उभर रहा है। भारत की ताकत राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विरासत और एकता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि इंफोसिस में काम करने वालों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिले हैं जबकि अलकायदा में काम करने वालों में संस्कार की कमी है। गृहमंत्री ने अपने बीस मिनट के भाषण में युवाओं को अलग-अलग कई उदाहरण दिए। मोदी सरकार की भी उपलब्धियां गिनाई। कहा कि 2014 से पहले अर्थव्यवस्था के मामले में भारत 9वें स्थान पर था। आज 8.2 जीडीपी के साथ हम दुनिया में 6वें स्थान पर पहुंच चुके हैं और पांचवें स्थान के लिए अग्रसर हैं। गृहमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में देश महान विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से बढ़ चुका है। हमारा देश धनवान भी होगा, ज्ञानवान भी होगा और बलवान भी होगा।

बगैर सेना के हमने चीन को नियंत्रण किया
गृहमंत्री ने चीन पर भी निशाना साधा। कहा कि यहां कुछ लोग कहते हैं कि वो (चीन) हमसे ज्यादा आगे बढ़ चुका है लेकिन ऐसा नहीं है। भारत की शक्ति का एहसास इस बात से लगाया जा सकता है कि आज एशिया के हर देश में हमारी मौजूदगी हो चुकी है। एक चाइनीज प्रोफेसर की पुस्तक का उदाहरण भी दिया। बताया कि प्रोफेसर ने भी इस बात को स्वीकार किया कि भारत ने बगैर सेना भेजे 200 साल तक हमें नियंत्रित किया क्योंकि भारत की संस्कृति और सभ्यता दूसरों से काफी मजबूत है।

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिराने वाले भी थे ज्ञानी
गृहमंत्री ने 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले को भी याद किया। कहा कि, उस प्लेन को चलाने वाले पायलट भी काफी शिक्षित थे। उनका पैकेज अच्छा था। लेकिन केवल ज्ञान होने से मनुष्य श्रेष्ठ नहीं हो सकता। जैसे उन पायलट को कभी श्रेष्ठ नहीं कहा जा सकता। छात्रों से कहा कि केवल अच्छे कॅरियर और अच्छे पैकेज के चक्कर में न पड़ें। खुद के मूल्यों को श्रेष्ठ बनाइए। मन के भाव को भी अच्छा बनाइए। तभी आप समाज के लिए कल्याणकारी हो सकेंगे।

इंटरनेट शिक्षा दे सकता है लेकिन संस्कार नहीं
गृहमंत्री ने कहा कि आज तकनीक के इस दौर में इंटरनेट पर आप दो से तीन माह में हर तरह की शिक्षा हासिल कर सकते हैं लेकिन कभी भी संस्कार नहीं मिलेगा। शिक्षक ही वह शख्स है जो आपको शिक्षा के साथ संस्कार भी देता है। गृहमंत्री ने दीक्षांत समारोह का महत्व भी समझाया। बोले, शिक्षा हासिल करने के बाद डिग्री लेने की इस प्रक्रिया को शिक्षांत समारोह नहीं बोला जाता क्योंकि शिक्षा को अनवरत जीवन में आप हासिल करेंगे लेकिन यह आपके गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षा की अंतिम कड़ी होती है। यह गुरु द्वारा दी जाने वाली दीक्षा होती है। इसलिए इसे दीक्षांत समारोह कहा जाता है।

स्टीव जॉब्स ने मार्क जुकरबर्ग से बोला, मन शांत करने नैनीताल जाओ
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत हर चीज में दुनिया के सभी देशों से कहीं ज्यादा आगे है। इसका लोहा दुनिया का हर बड़ा शख्स मानता है। एप्पल के सीईओ रहे स्टीव जॉब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के बीच का संवाद उदाहरण के तौर पर पेश किया। बताया कि स्टीव ने जुकरबर्ग को सलाह दी थी कि अगर कभी आपका मन अशांत हो तो भारत के नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम जाइए।

भारत की शक्ति को पहचानें युवा
राजनाथ सिंह ने छात्रों से कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में जो कुछ हमारे पास है वो दुनिया में किसी के पास नहीं है। सभ्यता, संस्कृति, विज्ञान और एकजुटता ही भारत की ताकत है। अनिश्चितता का सिद्धांत, पैथागोरस सहित कई गणित और विज्ञान के सूत्र और सिद्घांत भारत ने ही दिए हैं। इसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। सिलिकॉन वैली में काम करने वाले होनहारों में भी सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है। इसलिए युवाओं को भारत की शक्ति पहचाननी होगी। उससे प्रेरित होकर आपको भी अच्छा काम करना चाहिए।

स्वामी विवेकानंद ने दुनिया को बताया था हम कौन हैं
स्वामी विवेकानंद के शिकागो सम्मेलन में दिए गए भाषण को 125 वर्ष पूरे हो गए। इसका उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि साधारण कपड़े पहले स्वामी विवेकानंद जब शिकागो में बोलने पहुंचे तो लोग उनका मजाक बना रहे थे लेकिन उन्होंने अपने भाषण के जरिए दुनिया को बता दिया कि हम कौन हैं?

देश में कानपुर विश्वविद्यालय की 17वीं रैंक
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पहले विद्यार्थियों को दीक्षा प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्‍होंने कहा, ये विश्वविद्यालय लगातार हर क्षेत्र में आगे बढ़ता जा रहा है और मुझे यकीन है कि इस विश्वविद्यालय का नाम प्रदेश में ही नहीं देश में रोशन होगा। यहां की खास बात कि यहां नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न हुई, जिसका नतीजा यह है कि देश में इसने 17वीं रैंक प्राप्त की है।

राज्‍यपाल ने पहले दी अटल जी को श्रद्धांजलि
वहीं, राज्यपाल राम नाईक ने पहले स्वर्गीय अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और विद्यार्थियों को पदक मिलने पर बधाइयां भी दीं। साथ ही उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आज 47 विद्यार्थी उपाधियों के लिए आगे आए, जिसमें लड़के 9 और 38 लड़कियां थीं यानी लड़कों का प्रतिशत 19 और लड़कियों का 81 है। उन्होंने जोर से हंसते हुए लड़कों के बारे में कहा कि हम नहीं सुधरेंगे। अंत में अपनी लिखी हुई पुस्तक “चरैवेति-चरैवेति” का विद्यार्थियों को संदेश भी दिया।

छात्रों को दिए मेडल
इसके पहले दीक्षा समारोह का अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल राम नाईक ने की। कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। इसके बाद सबसे पहले 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। फिर सभी 47 छात्र-छात्राओं में अलग-अलग कैटेगरी में 74 पदक दिए गए। इनमें 19 कुलाधिपति कांस्य पदक, 43 स्वर्ण पदक, एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, दो कुलाधिपति रजत पदक दिए गए। डीजी कॉलेज की छात्रा प्राची तिवारी को सबसे ज्यादा 6 पदक मिले। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने संबोधित किया। इसके बाद दीक्षा समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह अपना संबोधन दे रहे हैं। विश्वविद्यालय का सभागार छात्र-छात्राओं और अतिथियों से खचाखच भरा हुआ है।

राजनाथ को काला झंडा दिखाने की कोशिश
वहीं केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को काला झंडा दिखाकर विरोध प्रकट करने का प्रयास कर रहे कांग्रेस के एक पार्षद को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में ले लिया। राजनाथ यहां छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आए थे।

समारोह में शामिल होने के बाद गृह मंत्री श्याम नगर के हरिहर धाम जा रहे थे। उन्हें रास्ते में काले झंडे दिखाने के इरादे से कांग्रेस पार्षद राजीव सेतिया अपने समर्थकों के साथ पानी की एक टंकी पर चढ गए। हालांकि, इस बारे में सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

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