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संत भय्यूजी महाराज ने सिर पर गोली मारकर की आत्महत्या

निशा जैन
इंदौर।
संत भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर खुद को गोली मार ली। गोली लगने के तुरंत बाद उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जब वे यहां आए तो उनकी सांस चल रही थी लेकिन कुछ देर के बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद की वजह से डिप्रेशन में चल रहे थे।

पारिवारिक कलह से थे परेशान
भय्यू महाराज ने खुद को अपने सिल्वर स्प्रिंग स्थित घर पर गोली मारी। उस वक्त उनके घर पर सिर्फ उनकी मां और एक नौकर मौजूद था। बताया जा रहा है कि उनके घर पर काफी समय से पारिवारिक कलह चल रही थी जिसकी वजह से वे परेशान चल रहे थे और इसी के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। कुछ समय पहले ही उन्होंने दूसरी शादी की थी और इसके बाद से ही उनके परिवार में तनाव चल रहा था।

बताया जा रहा है कि उन्होंने सिर के दाएं हिस्से में खुद को गोली मारी। गोली लगते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां। अस्पताल जाने तक उनकी सांस चल रही थी लेकिन यहां पर कुछ देर के बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

कौन हैं भय्यू महाराज
भय्यू महाराज का वास्तिवक नाम उदयसिंह देशमुख है। इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है जहां से वे अपने ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों का संचालन करते हैं। भय्यू महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी है जिनका निधन हो चुका है। माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज ने दूसरी शादी डॉक्टर आयुषी से की है जो उनके साथ कई वर्षों से उनके ही आश्रम में सेवा में लगी थी।

भय्यूजी महाराज से जुड़ी बातें –
भय्यू महाराज को मॉडर्न और राष्ट्रीय संत माना जाता था। उन्होंने करीब 49 साल की उम्र में दूसरी शादी की थी। उन्होंने पहली पत्नी की मौत होने के बाद बेटी कुहू और मां का ख्याल रखने के लिए ही ये शादी की थी।उनकी पहली पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है।

1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख था। वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे. कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यू महाराज अब गृहस्थ संत थे। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता था।

उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है। उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को एमपी के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ सात फेरे लिए।

वह मर्सीडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यू जी रोलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते हैं और आलीशान बिल्डिंग में रहते हैं।

वह चर्चा में तब आए जब अण्णा हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अण्णा ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था

पीएम बनने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को ही आमंत्रित किया था।

पूर्व प्रेसिडेंट प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।

सामाजिक कार्यों में संलग्‍न रहने वाले भय्यूजी हजारों कन्‍याओं का विवाह करवाने में भी करवाया था। मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र के कई जलाशयों के पुनर्निर्माण में उनकी काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। इन्‍होंने वृक्षारोपण अभियान और संविधान की प्रतियों को बांटने का अभियान भी चलाया।

कांग्रेस, बीजेपी, शिव सेना जैसी पार्टी के दिग्‍गज नेताओं के साथ इनके बेहतर संबंध रहे इसके बावजूद राजनीति में कभी नहीं आए. मध्य प्रदेश सरकार ने इनको हाल ही में कई संतों के साथ कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था लेकिन इन्होंने इनकार कर दिया।

राजनीतिक रूप से ताकतवर संतों में से एक थे भय्यू जी महाराज। उनके काफिले में भी कई गाड़ियां चलती थीं। फिल्मी सितारों से लेकर राजनेताओं का उनके आश्रम में जमावड़ा लगा रहता था।

भय्यू महाराज तब मीडिया की नजरों में आए जब अन्ना हजारे के अनशन को तुड़वाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था। भय्यू महाराज के सम्बन्ध देश की दिग्गज हस्तियों से है।

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