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संत कभी बीजेपी से नाराज नही हो सकते : दिनेश शर्मा

राम मंदिर को लेकर गरमायी राजनीति के बीच उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि राम मंदिर भाजपा के लिए मुद्दा नहीं बल्कि आस्था है।

दीप्ति सचदेवा
उन्नाव। अयोध्या मामले में 29 अक्टूबर से हर दिन सुनवाई के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर को लेकर गरमायी राजनीति के बीच उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि राम मंदिर भाजपा के लिए मुद्दा नहीं बल्कि आस्था है। उन्होंने कहा कि मंदिर को लेकर संत कभी भी भाजपा से नाराज नहीं हो सकते हैं। भाजपा संतों के बताए रास्ते पर ही चलती है। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कानपुर से लखनऊ जाते समय सदर विधायक पंकज गुप्ता के कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में सवर्ण का उत्पीड़न नहीं होगा। साथ ही एक भी दलित व पिछड़े का उत्पीड़न नहीं होगा।

पार्टी सबका साथ सबका विकास के रास्ते पर चल रही है। बीजेपी सबके साथ है, अगर किसी ने भी किसी का उत्पीड़न किया तो उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा। हत्याओं के विषय पर पूछे गए सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्याएं हुई लेकिन गिरफ्तारी भी हो गई। पहले की सरकारों में गिरफ्तारी नहीं होती थी। जहां भी अपराध होगा वहां अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को केवल 16 कार्य दिवस में संपन्न कराई जा रही हैं। नकल विहीन परीक्षा के लिए कमरे में दोनों तरफ सीसी कैमरा लगाने का निर्णय किया गया है। इसके साथ ही जनरेटर की व्यवस्था भी की जा रही है। एक कमरे में जितने छात्रों की बैठने की क्षमता होगी उतने ही छात्र बैठाए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों में की गई कटौती के सवाल के जवाब में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जवाबदेही जनता के प्रति है। जो भी जनता के हित में निर्णय होगा कार्य किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में आगामी 6, 7, 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में युवा वैज्ञानिक भी आएंगे। विद्यालय में युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रयोगशाला की स्थापना व कंप्यूटर छात्रों के लिए कंप्यूटर आज की पढ़ाई की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों पर अनियंत्रित फीस पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में फीस पर नियंत्रण के लिए कमेटी का गठन किया गया है। 10 दिन पहले हमने इसे कैबिनेट की बैठक में पास करके एक्ट का रूप दिया है। इसमें वह सारी चीजें हैं जिनसे एक अभिभावक का शोषण हो सकता है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिले में एक कमेटी का गठन किया गया है।

यदि विद्यालय में फीस ज्यादा ली जा रही है तो इसके खिलाफ अभिभावक को एक प्रत्यावेदन विद्यालय में देना पड़ेगा। यदि 15 दिन के अंदर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है। एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को देना पड़ेगा। जिलाधिकारी द्वारा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, एक्सक्यूटिव इंजीनियर, एक अभिभावक संघ का सदस्य, विद्यालय का एक सदस्य और जिला विद्यालय निरीक्षक की कमेटी प्रत्यावेदन की जांच करेगा। जांच के दौरान यदि एक्ट का दोषी पाया गया तो पहली बार एक लाख का जुर्माना होगा। 15 दिन में यदि नहीं माने तो 5 लाख का जुर्माना होगा। यदि फिर भी नहीं माने तो तीसरी बार में विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी।

पत्रकार वार्ता के दौरान सदर विधायक पंकज गुप्ता आनंद अवस्थी हरसहाय मिस्र मदन भानु मिश्रा केडी त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद थे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने भी उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

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