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शहीद निराला की बहन के हाथ पीले कर, कुछ यूं किया गरुड़ कमांडोज ने शहादत का सम्मान

कश्मीर के बांदीपुरा में शहीद कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन की शादी में गरूड़ कमांडो की टीम पहुंची। इस शादी में एक बहन को 'सौ भाइयों' ने मिलकर विदा किया। वायुसेना जवानों ने इस शादी में बहन को उसके शहीद भाई निराला की कमी महसूस नहीं होने दी।

समय टुडे डेस्क
पटना। देश पर जान न्यौछावर करने वाले गरुड़ कमांडो जेपी निराला को पिछले साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। यह शांतिकाल के दौरान दिया जाने वाला सबसे बड़ा सैन्य पुरस्कार होता है। हालांकि पांच आतंकियों को मौत के घाट उतार देने वाले इस जांबाज योद्धा को असली सम्मान तो उनके साथियों ने पटना में दिया।

कश्मीर के बांदीपुरा में शहीद गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन शशि कला को गांव की परंपरा के अनुसार वायुसेना के जवानों ने हथेलियों पर रख विदा किया। इस शादी में देश की शान माने जाने वाली वायुसेना के आईएएफ गरुड़ कमांडो की टीम ने न सिर्फ बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, बल्कि कई स्नेहिल क्षणों से सबको भावुक कर दिया।

फिर क्या जंग हो या जिंदगी के दर्द, हर किसी को मात देने वाले गरुड़ कमांडो ने हर साथी से 500-500 रुपए इकट्ठे किए। इस तरह इन जवानों ने कुल 5 लाख रुपए जोड़े और अपने शहीद दोस्त की बहन के हाथ पीले किए।

शहीद कमांडो दोस्त की बहन को दिया ये सम्मान हरगिज भी शहीद निराला को दिए सम्मान से कम नहीं था। ट्विटर पर साथी कमांंडोज के इस प्रयास की लोग काफी सराहना कर रहे हैं। साथ ही सैनिकों की शहादत के बाद उनके परिजनों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा एकबार फिर चर्चा का विषय बन गया है। राष्ट्रवाद की लहर में ये मुद्दा काफी पीछे रह गया था। जो शायद गरुड़ कमांडोज के इस प्रयास से एक बार फिर सुर्खियों में आ सकता है।

शहीद निराला के पिता तेजनारायण सिंह ने गरुड़ कमांडो की इस टीम के प्रति अपना आभार जताते हुए कहा कि मेरे घर पहुंचे जवान मेरे निराला जैसे ही थे। शशिकला की शादी पाली रोड डेहरी निवासी उमाशंकर यादव के पुत्र सुजीत कुमार के साथ हुई। शादी के पूरे आयोजन में वायुसेना के जवानों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

मालूम हो कि कश्मीर के हाजिन में तैनात कमांडो जेपी निराला ने चंदरगीर गांव में एक ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी के भतीजे को मार गिराया था। इस ऑपरेशन के दौरान छह आतंकी मारे गए थे। हालांकि इस ऑपरेशन में कमांडो निराला शहीद हो गए। साल 2005 में भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले निराला को साल 2017 में ही कश्मीर में तैनात किया गया था।

निराला चार बहनों के इकलौते भाई और परिवार का इकलौता सहारा थे। 26 जनवरी 2018 को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था।

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