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शहीद औरंगज़ेब को सेना ने दी सलामी, हजारों लोगों की मौजूदगी में पुंछ में किया गया सुपुर्द-ए-खाक

भारतीय सेना के शहीद जवान औरंगजेब के पार्थिव शरीर को
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सैन्य सम्‍मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया,आखिरी विदाई में उमड़ा जन सैलाब।

आशुतोष त्रिपाठी
श्रीनगर। राष्ट्रीय राइफल्स सेना के शहीद जवान औरंगजेब को शनिवार दोपहर पैतृक गांव पुंछ के मेंढर में राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। औरंगजेब की आखिरी विदाई में लोगों का सैलाब उमड़ा। हजारों लोगों की मौजूदगी में सेना ने आखिरी सलामी दी। अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय लोगों ने ‘शहीद औरंगजेब अमर रहे’ के नारे लगाए। औरंगजेब इससे पहले औरेंगजेब के पिता ने कहा कि आतंक के मुद्दे पर बातचीत नहीं बदला लेने का समय आ गया है। 44वीं राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद जवान औरंगजेब की पिता ने सरकार से अपील की है कि वह 72 घंटे में औरंगजेब के हत्यारों को मार गिराए वरना वह खुद अपने बेटे की शहादत का बदला लेंगे।

पाकिस्तान की और से ईद के मौके पर भी आतंकी हमला
ईद के पावन मौके पर भी पाकिस्तान की ओर से लगातर गोलीबारी की गई। नौशेरा सेक्टर के लाम इलाके में पाक की ओर से हो रही फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया है। शहीद जवान का नाम विकास गुरंग है। वहीं अरनिया सेक्टर में सुबह आठ बजे से ही पाक रेंजर सीजफायर तोड़ रहे हैं। सीमा पर तैनात जवानों ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए जमकर गोली और बम बरसाए हैं।

आतंकी ने अगवा कर की थी हत्या
औरंगजेब के गांव में उनकी मौत को लेकर बेहद गुस्सा है। उन्होंने सरकार से हत्यारे आतंकियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने शहीद के घर के बहार एकत्र होकर पकिस्तान और आतंकवाद विरोधी नारे लगाए। बता दें कि राष्ट्रीय राइफल्स के जवान औरंगजेब की आतंकियों ने गुरुवार को हत्या कर दी थी। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में उनका शव बरामद हुआ था। उन्हें ईद की छुट्टी पर घर लौटते वक्त आतंकियों ने अगवा कर लिया था। देर रात उनका शव अपहरण स्थल से आठ किलोमीटर दूर पुलवामा के गुसू गांव में बरामद हुआ। जवान के सिर और पैर पर कई गोलियों मारी गई थी। आतंकियों ने बर्बरता दिखाते हुए उनके चेहरे को भी क्षत-विक्षत कर दिया था

हिजबुल आतंकी समीर टाइगर को उतारा था मौत के घाट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 30 अप्रैल,2018 को हिजबुल आतंकी समीर टाइगर को मौत के घाट उतारने वाली मेजर रोहित शुक्ला की टीम में औरंगजेब शामिल थे। मेजर रोहित ने इस एनकाउंटर के बाद औरंगजेब को हीरो बताया था। समीर टाइगर ने 2016 हिजबुल ज्वाइन किया था। उसे हिजबुल अपने पोस्टर ब्वॉय के तौर पर पेश करता था। उसकी मौत से हिजबुल बौखला उठा था।

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