CrimeNewsUttar Pradesh

विवेक तिवारी की पत्‍नी को नौकरी देगी योगी सरकार, 25 लाख के मुआवजे का भी ऐलान

यूपी में पुलिस की गोलियों से बिना अपराध मारे गए एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी के परिवार की मांगें प्रशासन ने मान ली हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए लखनऊ जिले के डीएम कौशल किशारे शर्मा ने इसकी जानकारी दी।

अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस गोली से मरने वाले विवेक तिवारी के परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया है। इसके बाद परिवारीजन शव के अंतिम संस्कार को लिए तैयार हो गए। उल्लेखनीय है कि कार सवार विवेक को रात लखनऊ पुलिस ने चेकिंग के दौरान गाड़ी न रोकने पर गोली मार दी थी जिससे उनकी मौत हो गई। विवेक के परिवार वाले सीबीआइ जांच, नौकरी और मुआवजा की मांग कर रहे थे। उनकी दो मांगें पूरी हो गईं तीसरी को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जरूरत पड़ने पर सीबीआइ जांच का भी आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग
परिवारीजन ने न्यू हैदराबाद स्थित आकाश गंगा टॉवर के बाहर शव रखकर आरोपित सिपाहियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग की। जब उन्हें अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री शहर में नहीं हैं, तब उन्होंने पत्र लिखकर घटना की सीबीआइ जांच व एक करोड़ के मुआवजे की मांग की। परिवारीजन मांगें पूरी न होने तक शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े हुए थे और लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उनके साथ स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस-सपा नेताओं ने भी प्रदर्शन किया।

विरोध-प्रदर्शन बंद
मंत्री आशुतोष टंडन और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने विवेक के परिवारीजन को समझाने का काफी प्रयास किया, पर वे नहीं मानें। हालांकि देर शाम हालात बिगड़ते देख शासन के आदेश पर देर शाम जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा मृतक आश्रित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजे और विवेक की पत्नी कल्पना को नगर निगम में अधिकारी की नौकरी देने की घोषणा की गई। जिलाधिकारी ने लिखित में परिवारीजन को पत्र सौंपा। जिसके बाद वह मान गए और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन बंद कर दिया।

कितने सवालों का जवाब देती रहूंगीः कल्पना
ध्यान रहे कि विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा था कि मामले में लीपापोती हो रही है। ये एनकाउंटर नहीं है पर मेरी जिंदगी खराब हो गई है। मेरे बच्चे पूछेंगे कि पापा को क्या हुआ? मैं क्या जवाब दूंगी कि पुलिस वालों ने गोली मार दी। ऐसा क्या गलत काम किया था? कितने सवालों का जवाब देती रहूंगी। पुलिस वालों ने परिवार उजाड़ दिया। मुख्यमंत्री जवाब दें कि पुलिस इस तरह किसी की हत्या कैसे कर सकती है। जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मुझे सीबीआइ जांच, मुआवजा और नौकरी चाहिए।

वहीं मृतक विवेक तिवारी के भाई ने एएनआई से कहा,हमारी सिर्फ तीन ही मांगें थीं। जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए, पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, उचित मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा हम लोग योगी जी का यहां आने का इंतजार कर रहे हैं। अगर वह नहीं आते हैं तो हम लोग विवेक का शव अपने घर ले जाएंगे।

बता दें कि लखनऊ के गोमती नगर में शनिवार (29 सितंबर) को तड़के 1.30 बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार ‘एप्पल’ के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी। दोनों ही सिपाहियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा उन्हें बर्खास्त करने के आदेश भी दिए गए हैं।

बाद में यूपी के एडीजी (लॉ एंड आॅर्डर) आनंद कुमार ने एएनआई से कहा,यूपी के डीजीपी ने इस मामले में एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। एसपी क्राइम और एसपी ग्रामीण लखनऊ टीम के अन्य सदस्य होंगे। वे जल्द से जल्द इस मामले में अपनी रिपोर्ट देंगे।

जबकि यूपी सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा, दोबारा मामले की एफआईआर ​दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। गोमती नगर पुलिस अब मामले की जांच नहीं करेगी। इस मामले की जांच कोई अन्य पुलिस स्टेशन करेगा। डीएम लखनऊ ने इस मामले में न्यायालयी जांच के आदेश दिए हैं। मैंने एसआईटी ​गठित करने का आदेश दिया है। ये एक अपराध है। इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Close