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वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में भारत की एकता भ्यान ने गोल्ड और कांस्य जीत कर देश का किया नाम रोशन

एकता ने महिलाओं के क्लब थ्रो एफ 51 में स्वर्ण पदक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक हासिल किया है।

आशा चौधरी
नई दिल्ली। एक तरफ पूरा भारत देश हिमा दास को एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दे रहा है। वहीं एथलेटिक्स में ही एक और खिलाड़ी ने देश का नाम रोशन किया है। ट्यूनीशिया में चल रहे वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स टूर्नामेंट में भारत का तिरंगा लहराया है। हरियाणा की एकता भ्यान ने इस टूर्नामेंट में एक गोल्ड और एक कांस्य पदक हासिल करने का कमाल किया है। एकता ने महिलाओं के क्लब थ्रो एफ 51 में स्वर्ण पदक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक हासिल किया है।

हिसार की रहने वाली एकता 2003 में एक दुर्घटना में स्पाइनल कॉर्ड में चोट लगने की वजह से उनके शरीर के निचले हिस्से में पैरालिसिस हो गया था। इस वजह से तभी से एकता व्हील चेयर पर हैं। हालाकि एकता के लिए इस चोट से उबरना आसान नहीं था। दिल्ली में चले लंबे इलाज और माता पिता के निरंतर समर्थन से एक काफी हद तक अपनी चोट से उबरने में कामयाब रहीं।

साल 2014 में क्लब थ्रो में नंबर दो रह चुके और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित अमित सरोहा के प्रोत्साहन से एकता ने खेलों की ओर रुख किया। अमित ने एकता को क्लब थ्रो और डिस्कस थ्रो दोनों में प्रशिक्षण दिया। 2016 में ही एकता ने पंचकूला हरियाणा में हुई राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में अपने प्रभावी प्रदर्शन के दम पर क्लब थ्रो और डिस्कस थ्रो में गोल्ड और कांस्य पदक जीता और उसी साल बर्लिन में होने वाली पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में भाग लेने का मौका हासिल कर लिया। इसके बाद एकता ने साल 201 में अंतरराष्ट्रीय पैरा ओलंपिक कमेटी (आईपीसी) की ओर से लंदन में आयोजित पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैम्पियनशिप में अकेले ही भारत का प्रतिनिधित्व किया था। एकता की सफलता के बारे में उनके भाई संचित मलिक ने ट्विटर पर जानकारी दी है।

मशहूर बॉलीवुड कलाकार बोमन ईरानी ने ट्वीट कर पहले हिमा दास को बधाई दी उसके बाद उन्होंने एकता को भी बधाई दी है।

एकता ने 9 महीने की कठिन इलाज के दौरान उन लोगों से प्रेरणा ली जो व्हील चेयर पर रह कर अपने जीवन में एक उदाहरण बन कर आए। आज एकता खुद एक मिसाल बन चुकी हैं। एकता का कहना है कि जिंदगी हमारे हाथ में भले ही न हो लेकिन जिंदगी कैसे जीना है यह जरूर हमारे हाथ में रहता है।

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