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अन्ना हजारे ने लोकपाल के मुद्दे पर खत्म किया उपवास, देवेंद्र फडणवीस के वादों पर जताया भरोसा

अन्ना हजारे लोकपाल के समर्थन में अनशन पर थे। उन्होंने कहा था कि अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो वो पद्म भूषण पुरस्कार लौटा देंगे।

नीलम पाठक
मुंबई। लोकपाल के समर्थन में अनशन पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे ने अनशन को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि वो सीएम देवेंद्र फडणवीस के वादे से सहमत हैं। इससे पहले महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने रालेगण सिद्दी जाकर मुलाकात की थी। अन्ना हजारे ने कहा था कि अगर सरकार ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया तो 8-9 फरवरी को पद्म भूषण का पुरस्कार लौटा देंगे।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार की तरफ से लोकपाल सर्च की मीटिंग 13 फरवरी को होगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। इस सिलसिले में ज्वाइंट ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया जा चुका है। यह कमेटी नया ड्राफ्ट बनाएगी और अगले सत्र में पेश करेगी।

अपनी मांग को लेकर अनशन पर बैठे समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोमवार को कहा कि ‘भाजपा ने 2014 लोकसभा चुनाव जीतने के लिए उनका इस्तेमाल किया।’ हजारे ने अपने गांव रालेगण-सिद्धि में कहा, “हां, भाजपा ने 2014 में मेरा इस्तेमाल किया। सभी जानते हैं कि लोकपाल के लिए मेरे आंदोलन का इस्तेमाल सत्ता में आने के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी(आप) ने भी किया।

मेरे भीतर अब उनके लिए कोई सम्मान नहीं है।”उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार केवल देश के लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है और देश को अराजकता की ओर ले जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा नीत महाराष्ट्र सरकार बीते चार वर्षो से केवल ‘झूठ’ बोल रही है।81 वर्षीय अन्ना ने कहा, “और कितने दिनों तक झूठ चलेगा? सरकार ने देश के लोगों का सिर झुकाया है। सरकार का यह दावा कि मेरे 90 प्रतिशत मांग को मान लिया गया है, वह भी झूठा है।

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