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ललितपुर: एसडीएम हेमेंद्र कुमार ने सरकारी आवास में खुद को गोली मारकर की खुदकुशी

एसडीएम हेमेंद्र कुमार ने सरकारी आवास के भीतर होमगार्ड की राइफल से खुद को गोली मार ली। मामले की जांच की जा रही है।

मोहित द्विवेदी
ललितपुर। उत्तर प्रदेश के एक प्रशासनिक अधिकारी ने आज खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह ललितपुर जिले के मडावरा में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) पद पर तैनात थे। मड़ावरा तहसील के सरकारी आवास में एसडीएम ने रविवार को गार्ड की रायफल से सिर में गोली मार ली। इससे उनकी वहीं मौत हो गई। घटना से जिले भर में सनसनी फैल गई। डीएम एवं एसपी समेत अनेक आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। मड़ावरा पुलिस ने एसडीएम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।बताया गया है कि एसडीएम का एक बच्चा बीमार था जिसको लेकर वह तनावग्रस्त चल रहे थे। उनके एक बेटा और एक बेटी है।

कमरे में मृतक उपजिलाधिकारी (एसडीएम) का शव।

मड़ावरा तहसील के एसडीएम हेमेंद्र कांडपाल (48) की रविवार को सैदपुर ग्राम पंचायत में दीवान विक्रम सिंह के घर उमा भारती के कार्यक्रम में ड्यूटी लगी थी। कार्यक्रम निपटने के बाद वह फसल नुकसान का जायजा लेने के लिए लेखपाल शिवशंकर और कृषि अधिकारियों के साथ गंगचारी व सौंरई ग्राम पंचायत चले गए थे। वहां से लौटकर अपने सरकारी आवास आ गए। रसोई में कर्मचारी धनीराम खाना पका रहा था। इस बीच एसडीएम किसी से फोन पर बात करने लगे और तेजी से सुरक्षा में तैनात होमगार्ड संतोष के पास पहुंचे। उससे सरकारी राइफल और कारतूस मांगे। संतोष ने टोका तो हेमेंद्र झल्ला पड़े। फिर वे कमरे से बाहर निकल आए और बाहर खाना खा रहे होमगार्ड संतोष से पूछा कि रायफल कैसे चलती है, इसके बाद रायफल लेकर अंदर चले गए। लगभग 2.30 बजे कमरे से गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़े। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो अंदर का नजारा देख सभी के पैरों तले से जमीन सरक गई।

गोली एसडीएम के सिर में लगी थी। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां के चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित किया। पुलिस ने मौके से गार्ड की सरकारी रायफल और खोखा बरामद किया है। मूलत: बरेली निवासी हेमेंद्र कुमार काण्डपाल गत जुलाई में ही ललितपुर में तैनात हुए थे। इसके पहले वे बुलंदशहर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। मई में आगरा से तहसीलदार के पद से उन्हें डिप्टी कलेक्टर बनाकर बुलंदशहर भेजा गया था।

पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह का कहना है कि एसडीएम के डॉक्टरों ने बताया है कि वे नींद की गोलियां लेते थे। पूछने पर बताते थे कि समस्या है, जिसके चलते टेंशन में रहते हैं। घरवालों से पूछताछ के बाद ही आत्महत्या के सही कारणों का पता चल पाएगा।

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