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राममंदिर निर्माण को लेकर रामलीला मैदान पर ‘विहिप’ की विशाल रैली आज

विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यह इतनी बड़ी रैली (धर्मसभा) होगी, जो पहले रामलीला मैदान ने देखी नहीं होगी

नेहा पाठक
अयोध्या\नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने के पहले विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक पेश करने की मांग को लेकर रविवार को विशाल रैली आयोजित करेगी। विहिप ने कहा है कि वह आश्वस्त है कि संसद के आगामी सत्र के दौरान विधेयक पेश किया जाएगा जिससे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता प्रशस्त होगा। मंच से लेकर प्रवेश द्वार, दीवारें, खंभे सभी कुछ भगवा रंग में रंग गए हैं। हर ओर भगवा पताकाएं फहरा रही हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से रविवार को आयोजित धर्मसभा की तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर यहां देशभर से राम भक्तों का सैलाब पहुंचेगा।

विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि रविवार को रामलीला मैदान में धर्म संसद को आरएसएस के कार्यकारी प्रमुख सुरेश भैय्याजी जोशी संबोधित करेंगे। यह विशाल रैली होगी जो अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक लाने का समर्थन नहीं करने वाले सारे लोगों का हृदय परिवर्तन कर देगी।

विहिप के महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि अगर किसी स्थिति में संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक नहीं लाया गया तो अगली ‘धर्म संसद’ में आगे के कदम पर फैसला होगा। इसका आयोजन अगले साल 31 जनवरी और एक फरवरी को महाकुंभ के इतर इलाहाबाद में होगा। बंसल ने कहा कि विहिप के अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे और इसके अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार भी रैली को संबोधित करेंगे।

दावा किया जा रहा है कि पांच से आठ लाख रामभक्त इस धर्म सभा के साक्षी बनेंगे। कई राज्यों से राम भक्त दिल्ली पहुंच भी गए हैं। उन्हें अलग-अलग मंदिरों, मठों और धर्मशालाओं में ठहराया जा रहा है। यह अयोध्या, मुंबई और नागपुर जैसे बड़े शहरों में लाखों राम भक्तों की उपस्थिति वाली धर्मसभा की अगली और महत्वपूर्ण कड़ी है।

11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले दिल्ली में इस धर्मसभा के गहरे राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं तो विहिप के साथ ही संघ समेत अन्य संगठन इसे ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। कोशिश है कि दिल्ली में ‘राम सैलाब’ देखकर राजनीतिक दल और सत्ता पक्ष राम मंदिर पर अपने विचार बदले और संसद से सर्वसम्मति से कानून बनाकर अयोध्या में भव्य राम के मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें।

विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यह इतनी बड़ी रैली (धर्मसभा) होगी, जो पहले रामलीला मैदान ने देखी नहीं होगी। यह सभी दलों के लिए चेतावनी होगी कि अगर वह राम मंदिर निर्माण में बाधा बनते हैं तो उसे हिंदू समाज की नाराजगी झेलनी पड़ेगी। सुबह 11 बजे से प्रारंभ होने वाली इस धर्म सभा को जूना अखाड़ा पीठाधीश्वर महा-मंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, जगन्नाथ पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज, गीता मनीषी महा-मंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, परमानंद महाराज, वात्सल्य ग्राम संस्थापक मां साध्वी ऋतंभरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश (भैया जी) जोशी, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) विष्णु सदाशिव कोकजे व कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार सहित अनेक संत व गणमान्य लोग संबोधित करेंगे।

विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री करुणा प्रकाश ने बताया कि रामभक्तों की सुविधा के लिए सभा स्थल व आस-पास लगभग दो-तीन किलोमीटर तक कई बड़ी-बड़ी एलइडी स्क्रीन लगाई जाएंगीं, ताकि जो रामभक्त रामलीला मैदान में प्रवेश न कर सकें, वह इन एलइडी स्क्रीन से अंदर की पूरी गतिविधियां देख सकें। मैदान में जगह जगह बड़े कलश रखे जाएंगे, जिनमें दिल्ली के राम भक्त अपने-अपने घरों से साथ लाए संकल्प पुष्पों को अर्पित कर सकेंगे।

एनसीआर से आने वाली बसों और अन्य वाहनों के लिए 16 जगह पार्किंग तैयार की गई है। हर पार्किंग स्थल पर पीने के पानी, शौचालय और अनाउंसमेंट सिस्टम होंगे। उत्तर प्रदेश, हरियाणा व पंजाब से जुड़ने वाली राजधानी के सभी सीमाओं पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं।

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