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रघुनाथ के भव्य मंदिर निर्माण आंदोलन में नींव के पत्थर जैसी भूमिका, रामराज का सपना साकार होने पर कर रहे आत्मिक अनुभूति …..

कानपुर के सबसे वयोवृद्ध कारसेवक हैं अवधकिशोर शुक्ल, वर्ष 1984 में श्री रामजन्म भूमि मुक्ति यात्रा का संभाला प्रबंधन, 90 के दशक में अयोध्या यात्रा के दौरान हुये गिरफ्तार काटी फतेहगढ़ जेल, 87 वर्षीय स्वयंसेवक ने हमेशा पर्दे के पीछे रहकर दी आंदोलन को गति, भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर की आधारशिला रखे जाने पर आँखों में खुशी के आँसू, रामराज की परिकल्पना साकार होते देख कर रहे आत्मिक संतुष्टि की अनुभूति।

कारसेवक अवध किशोर शुक्ल जी

कानपुर नगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर की आधार शिला रखी जायेगी। होने वाले इस भूमि पूजन कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि संघ प्रमुख मोहन भागवत होंगे। रघुनंदन के भव्य मंदिर निर्माण की आधार शिला रखे जाने की तैयारियों से समूची अयोध्या आज राममय हो चुकी है। देश भर में लोगों के अंदर दीपावली और जन्मोत्सव जैसा उल्लास दिखाई दे रहा है। श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर सोमवार से ही चौतरफ़ा दीपोत्सव सा नजारा दिखने लगा है। रामलला मंदिर निर्माण को लेकर जहाँ देश के नागरिकों में खुशी की लहर है, वहीं श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े कारसेवकों में यह खुशी, दोगुनी है।

वर्ष 1934 में जन्मे अवधकिशोर शुक्ल, 1946 से संघ से जुड़े और अपनी सेवाएं देना शुरू किया। आज कानपुर के सबसे वयोवृद्ध 87 वर्षीय स्वयंसेवक श्री शुक्ल जनसंघ से लेकर भाजपा तक में सक्रिय हैं। कानपुर में रामजन्म भूमि आंदोलन के प्रमुख अग़वाकार रहे अवधकिशोर शुक्ल ने हमेशा ही पर्दे के पीछे रहकर आंदोलन को गति प्रदान करते रहे। वर्ष 1984 में जन्मभूमि मुक्ति यात्रा के प्रबंधन में लगे और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
1990 में अयोध्या में कारसेवकों की शहादत का वीडियो कैसेट प्रतिबंध के बावजूद घर-घर पहुंचाकर मुलायम सरकार के दमन और कारसेवकों की वीरता दिखा, जन जागरण किया।
प्रतिबंध के बावजूद आंदोलन के समय रात्रि में घर-घर भगवा पताका लगाना, फेरी के लिए जन -जागरण करना, अपने प्रिंटिंग प्रेस में आंदोलन के लिए पर्चे छाप लोगों तक पहुंचाना श्री शुक्ल की, ये नियमित दिनचर्या थी।

आंदोलन के दौरान अयोध्या जाते हुए गिरफ्तार हो गए तो फतेहगढ़ जेल काटी, मगर रघुनंदन की सेवा के लिए उठे अपने कदमों को डगमगाने नहीं दिया। आज कानपुर के सबसे वयोवृद्ध 87 वर्षीय स्वयंसेवक हैं। चमक -धमक की राजनीति से दूर अपनी सच्ची सेवा को बल देने वाले श्री शुक्ल आज भी मंदिर आंदोलन से अपना आत्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव मानते हैं। रामनगरी अयोध्या में होने वाले भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण और रामराज का सपना साकार होते देख खुश हैं। बुजुर्ग स्वयंसेवक अवधकिशोर शुक्ल ने रामजन्मभूमि पर भूमिपूजन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दैवीय कृपा का आशीर्वाद बताया और कहा कि पिछले दिनों राम मंदिर पर फैसला आने के दौरान समाज के लोगों ने सद्भाव और समरसता का परिचय दिया था। इस बार भी 5 अगस्त को देश भर में सभी मिलकर प्रभु श्रीराम के लिए बनने वाले मंदिर के भूमिपूजन की खुशियाँ मनाएँ, दीपोत्सव करें, किसी भी प्रकार की मन में द्वेष भावना न रखें।
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