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यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 900 हड़ताली लेखपाल निलंबित

योगी सरकार ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे 900 लेखपालों को निलंबत कर दिया है। साथ 8000 लेखपालों को नोटिस भेजा है।

अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए लेखपालों के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती जारी है। एस्मा लगने के बाद भी यूपी लेखपाल संघ अपने धरने पर कायम है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक प्रदेश में तकरीबन 900 लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं लगभग तीन हजार प्रशिक्षु लेखपालों को भी बर्खास्तगी का नोटिस दिया जा चुका है।हालांकि शासन और राजस्व परिषद विभिन्‍न जिलों में लेखपालों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा जुटा रहा है। फिलहाल हड़ताल खत्म होने के कोई आसार दिखाई नही दे रहे हैं।

सरकार की कड़ी सख्ती के बावजूद प्रदेश में कार्यरत 25,577 लेखपालों में बमुश्किल 2400 लेखपाल ही सेवा पर लौटे हैं। बाकी पूरी ताकत से हड़ताल पर डटे हुए हैं। इनमें लेखपाल संघ के प्रदेश से तहसील स्तर के तमाम पदाधिकारी भी शामिल हैं। कई जिलों में नो वर्क-नो पे के तहत कार्रवाई हुई है।

ग्रेड पे बढ़ाये जाने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर के लेखपाल 3 जुलाई से हड़ताल पर हैं। सरकार ने लेखपालों की मांग को एस्मा के तहत प्रतिबंधित कर दिया था। उधर, हड़ताली लेखपालों से मुख्य सचिव की 4 जुलाई को हुई वार्ता विफल हो गई थी। इसके बाद से ही लेखपालों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई जारी है। लेखपालों की हड़ताल जारी रहने से जहां आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं राजस्व प्रशासन के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। इस समय शिक्षण संस्थानों में दाखिलों का दौर चल रहा है।प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों की जरूरत होती है। छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की खातिर आवेदन करने के लिए भी इन प्रमाणपत्रों की आवश्यकता होती है।

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