CrimeNewsUttar Pradesh

यूपी पुल‍िस ‘त्रिनेत्र’ से करेगी अपराधियों की पहचान, ऑनलाइन ऐप तैयार

यूपी पुलि‍स मुख्यालय द्वारा तैयार ‘त्रिनेत्र’ मोबाइल एप्लीकेशन से अपराध‍ियों की पहचान करेगी। उत्‍तर प्रदेश में अपराधों पर लगाने के ल‍िए डिजिटल ऑनलाइन डोजियर बनकर हुआ तैयार।

हिमानी बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रमुख ओपी सिंह द्वारा समस्त एसएसपी/एसपी को अपराधों की रोकथाम के ल‍िए नि‍र्देश द‍िए थे। इसमें कारित अपराधों में अपराधियों को प्रचलित कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए अपराधियों के डिजिटल ऑनलाइन डोजियर बनाने को कहा गया था। जल्द ही यूपी में छोटे से छोटे अपराधी से लेकर प्रफेशनल क्रिमिनल का रिकॉर्ड मोबाइल की एक क्लिक पर होगा। डीजीपी मुख्यालय त्रिनेत्र नाम का मोबाइल ऐप तैयार करवा रहा है। यह ऐप अपराधियों का डिजिटल ऑनलाइन डॉजियर होगा। इसमें अलग-अलग श्रेणी के अपराधियों का फोटो के साथ पूरा ब्यौरा होगा।

डीजीपी मुख्यालय में एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश के निर्देशन में यह ऐप तैयार किया जा रहा है। एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश ने बताया कि सभी जिलों में अलग-अलग श्रेणी के अपराधियों का आपराधिक इतिहास कम्प्यूटर में फीड किया जा रहा है। इसमें चेन स्नेचर, वाहन चोर, लुटेरे, पेशेवर हत्यारे, आर्थिक अपराध करने वाले, जालसाज, टप्पेबाजों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। ऐप में उनकी फोटो, उनके द्वारा किए गए अपराध, किस-किस जेल में सजा काटी इसका ब्यौरा फीड किया जा रहा है। एडीजी क्राइम ने बताया कि डिजिटल आनलाइन डॉजियर से संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद ऐप में उपलब्ध डाटाबेस से उसका मिलान करवाकर यह पता लगाया जा सकेगा कि उसका आपराधिक इतिहास क्या है। यही नहीं पुलिसकर्मी मौके पर पीड़ित को संबंधित अपराध करने वाले कुख्यात अपराधियों की फोटो दिखाकर शिनाख्त करवा सकेंगे।

जिला स्तर पर बनाई गई टीम
ऐप में डाटा ऑनलाइन भरने के लिए हर जिले में एक एएसपी, डिप्टी एसपी क्राइम, प्रभारी डीसीआरबी, दो कम्प्यूटर ऑपरेटर और दो कॉन्स्टेबल की टीम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों का कम्प्यूटर के बेहतर जानकार होना जरूरी है। इसके लि‍ए जिला मुख्यालय स्तर पर एक एएसपी/ सीओ क्राइम, प्रभारी डीसीआरबी, दो कम्प्यूटर ऑपरेटर और दो आरक्षी, जो कम्प्यूटर के जानकार हो, की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही ‘त्रिनेत्र’ के संचालन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के निवारण हेतु आईजी क्राइम, एसपी क्राइम, एएसपी क्राइम, एक इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर, एक सिपाही, दो रिसोर्स पर्सन नामित किये गये हैं।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Close