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मोबाइल ने बढ़ाया सौंदर्य स्तर.!

‘जा पर कृपा राम की होई ता पर कृपा करे हर कोई’

यह पंक्तियां आजकल सौंदर्य प्रसाधन कंपनियों पर एकदम सटीक बैठती नजर आती हैं जी हां कॉस्मेटिक कंपनीज के लिए मोबाइल फोन आजकल राम बने हुए हैं जिनकी कृपा से सुंदर प्रसाधन कंपनियों का बाजार काफी तेजी से फल-फूल रहा है भारतवर्ष में पहली बार 15 अगस्त 1995 को मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया जिसने दिन-ब-दिन खुद के स्वरूप में काफी परिवर्तन किया और आज मोबाइल फोन आम इंसान के उपयोग में आने वाली हर चीज को खुद में समाहित कर रखा है चाहे वह नोटबुक हो मेमोरेंडम हो जीपीआरएस हो या सेल्फी कैमरा सब कुछ एक छोटे से मोबाइल में ही है बीते 5 वर्षों से सेल्फी कैमरा की बदौलत बाजार में आई सौंदर्य प्रसाधन कंपनियों के सामान की खरीद में काफी बढ़ोतरी देखने में आई है

आजकल लोगों में खूबसूरत दिखने खासकर महिलाओं में अच्छी सेल्फी लेने का इतना क्रेज बढ़ा हुआ है कि वह इसके लिए तमाम महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूक रहे हैं जिसके फलस्वरूप बीते कुछ ही वर्षों में कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की बिक्री में एकदम से 13 से 15 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है।

एक सर्वेक्षण के अनुसार पहले जहां महिलाएं दिन में एक सीमित बार ही मेकअप करती थी वहीं अब सेल्फी के क्रेज में वह हर 2 घंटे पर खुद को टच अप देती हैं और यदि कोई खास अवसर हो तो उसके लिए भी उनके मेकअप करने की गिनती बढ़ जाती है।

सेल्फी चेक रेस में जहां महिलाएं खुद को नए नए लुक में तैयार करके अलग-अलग प्रसाधन इस्तेमाल करती हैं तो वहीं दूसरी और वह कभी-कभी अलग दिखने के चक्कर में खुद को भद्दा बनाने में भी परहेज नहीं करती उदाहरण के तौर पर मोटे आईलाइनर हर किसी के चेहरे पर नहीं सकते हैं उसके बावजूद एक दूसरे की देखा देखी महिलाएं खुद को सुंदर दिखाने के चक्कर में अपनी सुंदरता से खिलवाड़ करती नजर आती हैं तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर खुद की बेहतर सेल्फी अपलोड करने के चक्कर में महिलाएं कुछ भी कर गुजरने को तैयार सी दिखती हैं।

आज के बदलते परिवेश में एवं बढ़ते आधुनिकीकरण के दौर में मोबाइल फोंस के सेल्फी कैमरा ने समाज में कुछ ज्यादा ही जगह बना ली है लोग सेल्फी के चक्कर में काफी पैसा सौंदर्य प्रसाधन पर भी खर्च करते हैं इस दौड़ में पुरुष भी पीछे नहीं है चाहे वह बालों में लगाने वाली जेल हो फेस क्रीम हो नई शेविंग ट्रिक हो या कुछ और यहां तक हेयर कलर से लेकर फेस ज्वेलरी तक पुरुष भी महत्व देने लगे हैं महिलाओं के साथ साथ पुरुषों में भी सेल्फी लेने का काफी क्रेज बढ़ा है कोई भी पार्टी हो शामली फंक्शन यहां तक की पूजा में भी लोगों को सजना सवरना सिर्फ इसलिए भाता है जिससे उनकी सेल्फी अच्छी आ सकें।

इस प्रकार का कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि आज के दौर ने अपना एक नया नाम खोज निकाला है जो है सेल्फी युग जहां हर इंसान सुंदर दिखने एवं अच्छी सेल्फी लेने की दौड़ में शामिल सा नजर आता है और इसी के चलते हैं सौंदर्य प्रसाधन कंपनियां बीते कुछ वर्षों से काफी मुनाफे में जा रही हैं और साथ ही साथ इसी के चलते उनके सही गलत दोनों प्रकार के प्रोडक्ट के खरीददार भी बढ़ रहे है।

-सुमित द्विवेदी
(लेखक के अपने विचार है, पत्रकारिता विभाग का छात्र है।)

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