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मोदी जैसा PM और योगी जैसा CM हमारे पास, फिर भी भगवान राम टेंट में : BJP विधायक

सुरेंद्र सिंह ने कहा हमारे पास नरेंद्र मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री है और योगी आदित्यनाथ जी जैसा मुख्यमंत्री। दोनों हिंदुत्व को मानते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके शासनकाल में भगवान राम टेंट में हैं।

अजीत राय भट्ट
बलिया। बीजेपी नेता और विधायक सुरेंद्र सिंहअयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर अब अपनी ही पार्टी की खिलाफत पर उतर आए हैं। सुरेंद्र सिंह ने ताकतवर पद पर होने के बावजूद राम मंदिर निर्माण के लिए कदम न उठाने पर पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना की है। मीडिया से बातचीत करते हुए सुरेंद्र सिंह ने कहा हमारे पास नरेंद्र मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री है और योगी आदित्यनाथ जी जैसा मुख्यमंत्री। दोनों हिंदुत्व को मानते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके शासनकाल में भगवान राम टेंट में हैं। सुरेंद्र सिंह ने कहा यह भारत के लिए तो दुर्भाग्यपूर्ण है ही। साथ ही हिंदू समाज के लिए भी दुर्भाग्य की बात है। अब ऐसी स्थिति बननी चाहिए जिससे अयोध्या में भगवान राम का मंदिर जरूर बने। बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ‘अब राम मंदिर निर्माण में और देरी नहीं होनी चाहिए। भगवान संविधान से उपर हैं। ऐसे में अयोध्या में तय स्थान पर भगवान राम का मंदिर जल्द से जल्द बनना चाहिए।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बीते 12 नवंबर को कहा था कि जब भगवान राम चाहेंगे तब अयोध्या में मंदिर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि हर कार्य भगवान ही करते हैं। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में भी राम मंदिर पर अपना पक्ष रखा है। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर जारी हलचलों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने भी बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास निश्चित तौर पर होगा और मुख्ममंत्री योगी आदित्यनाथ ही शिलान्यास करेंगे। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने मथुरा में कहा, आज भारत का जनमानस अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर चाहता है। इसलिए चाहे राजनेता हों, न्यायपालिका या फिर कार्य पालिका हो, सभी को जनभावना का आदर करना चाहिए।

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राम जन्मभूमि अयोध्या में राम का मंदिर जरूर बनेगा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही शिलान्यास करेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है। इससे पहले बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी के अयोध्या छोड़ने वाले बयान पर उन्होंने कहा, अयोध्या में हमेशा संत आते रहे हैं। कुंभ में लाखों की तादाद में संत पहुंचते हैं। किसी को डरने की जरूरत नहीं है, मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था कायम करने की मिसाल पेश की है।

आपको बता दें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति का निर्माण होगा। यह मूर्ति खूले में नहीं, बल्कि इनसाइड होगी। सीएम ने कहा कि भगवान राम की मूर्ति को लेकर आर्किटेक्चर से बातचीत हो रही है

विधायक सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि यह भी कहा कि भगवान संविधान से ऊपर हैं। आस्था भगवान से जुड़ी होती है, लिहाजा यह संविधान से परे है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महान हिंदुत्ववादी और प्रचारक हैं। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ जैसे हिन्दूवादी नेता भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद अयोध्या में भगवान राम तम्बू में रहें तथा इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात और कोई नहीं हो सकती।

मुगल वंश के संस्थापक बाबर को ‘विदेशी आक्रांता करार देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बाबरी मस्जिद को भारत की बताता है तो यह उसकी राष्ट्र भक्ति और भारतीयता के चिंतन में दुर्बलता की निशानी है।

कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तय कर लिया है कि शीतकालीन सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिये कानून पारित करा लिया जाय। मोदी सरदार पटेल को अपना गुरू मानते हैं। पटेल ने जिस तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की अनिच्छा के बावजूद संसद से सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कानून बनवाया, उसी तर्ज पर मोदी भी राम मंदिर के लिये कानून बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि संसद में जब राम मंदिर के कानून को लेकर चर्चा होगी, तब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की असलियत का भी पता चल जायेगा कि वह कितने बड़े जनेऊधारी और शिवभक्त हैं। कुशवाहा ने राफेल विमान खरीद को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहे राहुल पर आरोप लगाया कि राजनीति में विफल होने के बाद राहुल जनता को गुमराह करने और पाकिस्तान तथा चीन से सूचनाएं साझा करने के लिये राफेल का फर्जी मामला उठा रहे हैं।

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