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महिला, बाल सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाएं PM मोदी: स्वाति मालीवाल

दिव्या पाण्डेय
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शनिवार को अपील की।

बाबा साहेब भीमराव रामजी अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर मालीवाल ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के जरिए कहा, “बाबासाहेब की जयंती पर मैं सरकार और सभी राजनीतिक दलों से यह अपील करती हूं कि वे कोरी बयानबाजी छोड़कर महिलाओं और लड़कियों के उत्थान के उनके (अम्बेडकर) के सपने को साकार करें।’

मालीवाल ने कठुआ और उन्नाव की बलात्कार की घटनाओं के खिलाफ तथा बलात्कारियों को फांसी की सजा के प्रावधान करने की मांग को लेकर शुक्रवार से अनिश्चित भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने शुक्रवार को कहा था, “मैं अपनी अंतिम सांस तक महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती रहूंगी।” मालीवाल ने गत गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था और बलात्कारियों को छह माह के भीतर फांसी की सजा के प्रावधान की मांग उनसे की थी।

स्वाति ने कहा कि हमारी मांग यही है कि छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को 6 महीने के अंदर फांसी हो.पोक्सो कानून में फांसी की सजा को जोड़ने की बात की जा रही है। लेकिन कानून बनाने से कुछ नहीं होगा।

कानून को सही तरीके से लागू नहीं कराया तो वह एक जुमला बनकर रह जाएगा। उन्होंने पुलिस की जवाबदेही तय करने, पुलिस के संसाधन बढ़ाने, फास्ट ट्रैक स्थापित करने की बात की। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी होने पर ही अब अनशन टूटेगा।

मालीवाल के अनशन को समर्थन देने भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, पूर्व राजनायिक के.सी सिंह, भी पहुंचे। यशवंत सिन्हा ने कहा कि यह दुख की बात है कि देश व दिल्ली में बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं. इससे पूरी दुनिया में गलत संदेश जा रहा है। प्रधानमंत्री इन घटनाओं पर चुप्पी साधे हैं. कुछ लोग कठुआ की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।



यशवंत सिन्हा ने क्या कहा?
मालीवाल के अनशन में शामिल होने के लिए बीजेपी के बागी नेता यशवंत सिन्हा भी पहुंचे। सिन्हा ने कहा कि वो स्वाति का साथ देने के लिए यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि देश में महिला सुरक्षा की दिशा में ज्यादा काम करने की जरूरत है। उन्होंने कठुआ और फिर उन्नाव की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि ये घटनाएं शर्मसार करने वाली हैं।

तीसरे दिन के आमरण अनशन की शुरुआत बापू की समाधि से ध्यान लगा कर किया। स्वाति जी हिन्द का वज़न घट गया है।

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