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भारत से ज्यादा कोई देश सहिष्णु नहीं : राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाली 24 हस्तियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान' से नवाजा।

सौरभ शुक्ला
लखनऊ। देश में असहिष्णुता को लेकर फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर जमकर बहस हो रही है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि हिंदुस्तान जितनी सहिष्णुता दुनिया के किसी दूसरे मुल्क में नहीं है। लखनऊ से सांसद राजनाथ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के 114वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेने लखनऊ पहुंचे थे। भारत दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जहां विश्व के सभी प्रमुख धर्म पाये जाते हैं। यानी सारे धर्मों के मानने वाले लोग अगर कहीं मिल जुलकर रह रहे हैं, तो वह भारत ही है। उन्होंने कहा, मैं दोहराना चाहूंगा कि इस्लामी देशों में भी इस्लाम के सभी 72 फिरके एक साथ नहीं मिलते। केवल भारत में ही मुसलमानों के ये सभी फिरके मौजूद हैं इसलिये यहां पर असहिष्णुता का कोई सवाल ही नहीं।

गौरतलब है कि मशहूर अभिनेता शाह ने हाल में एक बयान में कहा था, भारत में गाय की जान की कीमत आदमी की जान से ज्यादा हो गई है। देश में ऐसा माहौल बन गया है कि उन्हें अपने बच्चों की चिंता होती है कि कहीं कोई भीड़ उन्हें घेरकर उनका मजहब ना पूछने लगे। गृह मंत्री ने साइबर सर्विलांस संबंधी आदेश के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनके मंत्रालय ने इस बारे में पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया है, लेकिन चूंकि संसद का सत्र इस समय चल रहा है लिहाजा वह अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।

देश में ऐसा माहौल बन गया है कि उन्हें अपने बच्चों की चिंता होती है कि कहीं कोई भीड़ उन्हें घेरकर उनका मजहब ना पूछने लगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक अन्य कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की मांग को अवांछित और गैरजरूरी बताते हुए कहा कि आबादी कोई बोझ नहीं बल्कि एक लाभांश है और उसका सही इस्तेमाल किया जाना चाहिये।

राजनाथ सिंह ने ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान‘ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोग यह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश का बंटवारा किये बगैर इसका विकास नहीं हो सकता। कल को कोई यह भी कहना शुरू करेगा कि आबादी के लिहाज से चीन के बाद भारत सबसे बड़ा देश है और यह मुल्क भी तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक इसके टुकड़े ना किये जाएं। उन्होंने कहा, जनसंख्या को कभी बोझ नहीं माना जाना चाहिये।

यह एक डेमोग्रैफिक डिविडेंट (जनसांख्यिकीय लाभांश) है। जनसंख्या हमारी श्रमशक्ति है। इसका उपयोग कैसे किया जाए और हम देश के विकास में उसका अधिकतम योगदान कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं, इसकी तकनीक खोजने की जरूरत है। अनावश्यक परेशान होने की जरूरत नहीं है। सिंह ने इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाली 24 हस्तियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ से नवाजा। गौरतलब है कि दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी विकास की दृष्टि से उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की मांग कर रही है। इसके लिये वह हाल में हस्ताक्षर अभियान भी चला चुकी है।

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