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भाजपा विधायक की पूजा से ‘अपवित्र’ हुआ मंदिर, लोगों ने गंगाजल से किया ‘शुद्धिकरण’

भाजपा विधायक के दर्शन करने के बाद मूर्तियों को प्रयाग गंगा स्नान के लिए भेजा गया था। जहां से मूर्तियां रविवार को लौटीं और उन्हें मंदिर में स्थापित किया गया।

मयंक कुमार
हमीरपुर। हमीरपुर में महिला विधायक मंदिर में क्या चली गई, बवाल हो गया। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बीजेपी की एक महिला विधायक के मंदिर में प्रवेश करने पर उसे गंगाजल से धुलवाकर पवित्र कराने का मामला सामने आया है। जनपद मुख्यालय से 80 किमी दूर राठ के मुस्करा खुर्द गांव में महाभारत काल का धूम्र ऋषि का आश्रम है जहां, उनकी प्रतिमा लगी हुई है। यहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। कोई भी महिला हो वह बाहर से ही दर्शन करती है। बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी ने न सिर्फ मंदिर के दर्शन किए बल्कि उस चबूतरे पर भी चढ़ीं जिस पर ऋषि तपस्या करते थे। यह पता चलते ही स्थानीय लोगों में हडकंप मच गया।

मूर्तियों को प्रयाग गंगा स्नान के लिए भेजा गया था। जहां से मूर्तियां रविवार को लौटीं और उन्हें मंदिर में स्थापित किया गया। इस अवसर पर भंडारा भी किया गया। इसके बाद यह घटना सामने आई।

बताया जाता है कि यहां से गुजरते वक्त पांडव भी यहां आकार रुके थे और तभी से ही इस आश्रम और यहां बने मंदिर में महिलाओं का प्रवेश निषेध है। गत 12 जुलाई को राठ विधानसभा क्षेत्र की बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी एक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान उन्होंने आश्रम में पहुंचकर धूम्र ऋषि के मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।

ग्रामीणों ने महिला विधायक को मंदिर प्रांगण में देखा तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पूरे आश्रम व मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर पवित्र किया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने चंदा कर धूम्र ऋषि की प्रतिमा को इलाहाबाद के संगम में स्नान करवाकर फिर से स्थापित किया। वहीं, मामले में विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि उन्हें इस मान्यता के बारे में पता नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्राचीन मंदिर के बारे में पता चला तो वे वहां पूजा-पाठ के लिए चली गईं। उनके जाने के बाद मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर पवित्र किया गया, ये भी उन्हें नहीं मालूम है। सुप्रीम कोर्ट देश के कई मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। लेकिन, उसके बाद भी लोगों की रुख महिलाओं के प्रति सही नहीं हो रहा है।

गांव के प्रधान ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने से धूम्र ऋषि कोधित हो जाते हैं। विधायक के मंदिर में जाने से लोग डरे हुए थे इसलिए मंदिर का शुद्धिकरण किया गया।

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