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ब्रिटेन में सिखों को मिलेगा विशिष्ट मूलनिवासी का दर्जा

2021 की जनगणना ब्रिटेन में इन्हें विशिष्ट मूल निवासी माना जाएगा। फिलहाल अभी तक सिख समुदाय को ब्रिटेन में सिर्फ एक धर्म के तौर पर ही मान्यता दी जाती थी।

मनप्रीत कौर
नई दिल्ली। ब्रिटैन में बसे सिख समुदाय के लोगों को 2021 की जनगणना में विशिष्ट मूलनिवासी का दर्जा दिया जाएगा। अब तक सिख समुदाय को ब्रिटेन में सिर्फ एक धर्म के तौर पर ही मान्यता दी जाती थी। यूके के सांख्यिकी प्राधिकरण ने यह बात कही है। सिख समुदाय के लोगों के लिहाज से बात करें तो यह बड़ा कदम है। इससे देश की तमाम मूल सुविधाओं तक सिख समुदाय की पहुंच आसान हो सकेगी।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी की धमकी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को चेताया है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान अमेरिका को दोबारा धमकी देता है तो उसको यह बहुत भारी पड़ सकता है। ट्रंप ने रविवार को एक ट्वीट के जरिये कहा, ‘अमेरिका को दोबारा धमकाने की कभी कोशिश मत करना। वरना, इतिहास में जो घातक परिणाम देखे थे, उससे भी खराब नतीजों का सामना इस बार करना पड़ सकता है, इसलिए सावधान रहो।’
बता दें कि ट्रंप का यह ट्वीट उस जवाबी बयान के रूप में आया है, जिसमें रूहानी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा था, ‘तेहरान खुद पहले युद्ध के लिए आगे नहीं बढ़ेगा लेकिन अगर अमेरिका ऐसा कुछ करने की सोचता है तो वह पीछे भी नहीं हटेगा।’ इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि हमारे दुश्मनों को यह समझ लेना चाहिए कि हमारे साथ शांति बनाए रखना जितना फायदेमंद है, युद्ध करना उतना ही खतरनाक होगा।’ इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गा‌र्ड्स के वरिष्ठ कमांडर ने भी ट्रंप की धमकियों को तेहरान के खिलाफ ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ बताया है।

बीते साल भारतीय मूल के सांसदों समेत 100 ज्यादा ब्रिटिश सांसदों ने अथॉरिटी से कहा था कि वह सिख समुदाय के लोगों को 2021 की जनगणना में अलग एथनिक बॉक्स यानी मूल निवासियों के एक अलग कॉलम में शामिल करे। संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 की जनगणना में सिखिज्म को एक धर्म की बजाय विशिष्ट मूल निवासी के तौर पर शामिल किया जाएगा।

2011 में ब्रिटेन में हुई जनगणना में 83,000 सिखों ने मूल निवासी के तौर पर किसी भी चॉइस पर टिक करने से इनकार कर दिया था। अन्य एथनिक ग्रुप के तौर पर सिख समुदाय के लोग भारतीय और उसके बाद स्पेस के साथ सिख लिखा करते थे। नैशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस ने 2021 में सिखों को एक अलग मूल निवासी के कॉलम में शामिल करने की बात कही है, लेकिन लोगों में इसकी स्वीकार्यता को लेकर चिंता भी जताई है।

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