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पुलिस सुधार में सेवानिवृत्ति के बाद भी सहयोग करें अधिकारी : उत्तर प्रदेश डीजीपी

री-यूनियन सेमिनार में पहुंचे डीजीपी ने किया समापन। डीजीपी ने कहा कि अब विदेशी तकनीक को अपनाएगी यूपी पुलिस।

आशा चौधरी
मुरादाबाद। शनिवार को पुलिस अकादमी में दो दिवसीय री-यूनियन सेमिनार में पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह ने समापन किया। उससे पहले सभी अफसरों के तीस साल के अनुभवों को करीब से जाना। सभी ने कानून व्यवस्था से लेकर अपराध नियंत्रण तक सभी जानकारी एक दूसरे से सांझा कीं। डीजीपी ने दुष्कर्म के आरोपित का बहिष्कार करने की आवश्यकता बताई है। यह भी कहा कि पुलिस को महिला पीड़िताओं की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि री-यूनियन सेमिनार एक अच्छी पहल है, जिसे भविष्य में ओर अधिक सुधारा जा सकता है और रिटायर्ड अफसरों को भी इसमें आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले से अकादमी में काफी बदलाव आया है। अकादमी को गौरवशाली इतिहास बताकर इस पर गर्व करने की बात भी कही। डीजीपी ने कहा कि अधिकारी में नेतृत्व करने की क्षमता होनी चाहिए, तभी वह अधीनस्थों से सही काम ले सकता है। उन्होंने अफसरों से अहंकार की भावना खत्म करने को कहा। अपने अधीनस्थों से बातचीत कर हर समस्या का हल निकालें। उन्होंने सभी अफसरों से कहा कि मैं कामना करता हूं, सेवानिवृत्त के बाद भी पुलिस सुधार में सहयोग करें। साथ ही डीआइजी राकेश शंकर की ओर से की गई प्रस्तुति को सराहा।

कांफ्रेंस हॉल में पहुंचने से पहले डीजीपी ने सलामी ली। उसके बाद प्रशिक्षु स्तम्भ स्थल पर ट्रेनिंग के दौरान लिखा गया अपना नाम देखा। उसके बाद अफसरों से अनुभव साझा किए। मीडिया से रूबरू होने के बाद नक्षत्र वाटिका का लोकार्पण कर चंदन का पौधा लगाया।

एफआइआर दर्ज कर मुकदमों की सही तरीके से पैरवी कर जल्द न्यायालय में भेजे। विवेचनाओं में सबसे ज्यादा सुधार की आवश्यकता है। रेंज कार्यालय पर महिला संबंधी अपराधों की क्षेत्राधिकारी एवं थाने पर लंबित आरोप पत्रों की सूचना संकलित कर उसकी समीक्षा की जाए। दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराने में उसे रखने की व्यवस्था की जाए। महिला पुलिस कर्मियों द्वारा महिला उत्पीड़न की एफआइआर लिखी जाए। महिलाओं को शिक्षा एवं जागरूकता, बाल विवाह, प्रशिक्षण, काउंसिलिंग सेंटर, लीगल क्लीनिक, यूपी पुलिस वेबसाइट, विकल्प पोर्टल, रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष, रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्र, 181 महिला हेल्प लाइन (102, 108,100 व 1090), एंटी रोमियो स्क्वाड, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, क्रेक कमांडो टीम, पॉवर एंजिल के प्रचार एवं प्रसार कराए।

सीबीआई की तर्ज पर ट्रेंड होगी यूपी पुलिस
सीबीआई की तर्ज पर पुलिस की सभी इन्वेस्टीगेशन विंग को ट्रेंड किया जाएगा, जल्द ही ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी। डीजीपी ने कहा कि बड़ी संख्या में अपराधी विवेचना में कमी रह जाने के कारण सजा नहीं हो पाती है। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज देती है। विवेचना में कमी रह जाने के कारण वह जेल से छूट जाते हैं इसीलिए सीबीआई व अन्य तकनीकी संस्थानों से मदद ली जा रही है। उन्हें एक्सपर्ट द्वारा प्रदेशभर की सभी इन्वेस्टीगेशन विंग को ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है और बहुत जल्द ट्रेनिंग शुरु कर दी जाएगी।

विदेशी तकनीकी को अपनाएगी यूपी पुलिस
डीजीपी ने कहा कि तकनीक पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने आइआइटी कानपुर, किड्स मिलानी, कनाडा यूनिवर्सिटी और ब्यूरो पुलिस सर्च डेवलपमेंट को अपना नॉलेज पार्टनर बनाया है। इन संस्थानों से हर माह एक-एक वीडियो कांफ्रेंस कराई जाएगी।

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