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पत्रकारिता एक मिशन है उसकी पवित्रता को बनाये रखें : राज्यपाल राम नाइक

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने पत्रकारिता दिवस के मौके पर कहा कि पत्रकारिता के मानक,आदर्श और उसकी सीमा पर विचार करें और कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है उसकी पवित्रता को बनाये रखें।

हिमानी बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज लखनऊ स्थित सिटी मान्टेसरी स्कूल गोमती नगर विस्तार में ‘नेशनल मीडिया क्लब’ द्वारा प्रथम आंचलिक पत्रकार सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, मंत्री एस0पी0 बघेल, राज्यमंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, केन्द्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, कानपुर की महापौर प्रमिला पाण्डेय, नेशनल मीडिया क्लब के संस्थापक एवं यू0पी0 उत्तराखण्ड समय न्यूज के चैनल हेड रमेश अवस्थी, संस्थापक सिटी मान्टेसरी स्कूल जगदीश गांधी सहित बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से आये पत्रकार भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा जनपद गोण्डा में स्वच्छता अभियान में सहयोग करने वाले पत्रकार स्वयं मिश्रा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।




राज्यपाल ने सर्वप्रथम पत्रकारिता दिवस की बधाई देते हुये कहा कि पत्रकारिता के बारे में उनका विचार रखना वैसे ही होगा जैसे काशी वालों से कोई काशी की बात करें। संविधान के तीन स्तम्भ विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका हैं जिनमें कलम और व्यवहार से पत्रकारिता चौथा स्तम्भ बन गया है। देश की आजादी के लिये 1857 से 1947 तक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, जवाहर लाल नेहरू से लेकर बाबू राव पराड़कर, गणेश शंकर विद्यार्थी आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पत्रकार समाज के हित की दृष्टि से काम करें। पत्रकारिता के मानक, आदर्श और उसकी सीमा पर विचार करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है उसकी पवित्रता को बनाये रखें।

श्री नाईक ने कहा कि ‘मेरा अनुभव है कि ईमानदारी से काम करने वालों का पत्रकार भी सहयोग करते हैं। मेरे जीवन में कभी ऐसा अवसर नहीं आया कि मैंने कुछ कहा हो और पत्रकारों ने कुछ छापा हो। भले को प्रोत्साहित करना और बुरे पर प्रहार करना यही पत्रकारिता की दृष्टि होती है। खबर के साथ-साथ समाज के हित का ध्यान रखें। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया दोनों के अपने-अपने महत्व हैं। दृष्टिकोण सकारात्मक रखते हुए समाज के मार्ग दर्शन की जिम्मेदारी महसूस करें। उन्होंने कहा कि चौथा स्तम्भ समाज के लिये एक आदर्श है। राज्यपाल ने ‘चरैवेति! चरैवेति!’ का सिद्धांत समझाते हुये कहा कि सूरज की तरह जगत वंदनीय होने के लिये निरंतर चलते रहने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में मंत्री बृजेश पाठक, राज्यमंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, जगदीश गांधी व अन्य ने भी अपने विचार रखे। स्वागत उद्बोधन नेशनल मीडिया क्लब के संस्थापक रमेश अवस्थी ने दिया। इस अवसर पर मंचासीन विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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