NewsUttar Pradesh

डेस्क पर 6 माह के बच्चे को सुलाकर ड्यूटी निभाती दिखीं सिपाही

डीजीपी ओपी सिंह ने आश्वासन दिया कि अर्चना को उसके गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती मिलेगी। महिला सिपाही से बातचीत के बाद डीजीपी ने उनके ट्रांसफर का आदेश दे दिया है। डीजीपी ने प्रदेश की हर पुलिस लाइन में क्रेच की स्थापना की जरूरत बताई।

मोहित द्विवेदी
झांसी। उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कांस्टेबल के पद पर तैनात अर्चना जयंत के लिए वह रोजमर्रा के किसी दिन जैसा ही दिन था। लेकिन लोगों ने उनकी तस्वीर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की। यहां तक कि लोगों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी को भी महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं देने को कहा। इस तस्वीर का प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने संज्ञान ले लिया है। डीजीपी ने महिला सिपाही से बात कर आश्वासन दिया कि अर्चना को उनके गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती मिलेगी। महिला सिपाही से बातचीत के बाद डीजीपी ने उनके ट्रांसफर का आदेश दे दिया है।

ये तस्वीर सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर वायरल हुई थी। इस तस्वीर में अर्चना काम करती हुई दिख रही हैं जबकि उसी वक्त में वह अपने बच्चे की निगरानी भी कर रहीं थीं। म​हज कुछ ही घंटों में फोटो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया। यहां तक कि उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी ओपी सिंह ने भी ट्विटर पर लिखा कि वह पुलिस लाइन में क्रेच की संभावनाओं को तलाश रहे हैं।

कांस्टेबल अर्चना जयंत को ’21वीं सदी की आदर्श और सर्वश्रेष्ठ महिला’ करार देते हुए यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, मेरी बात अर्चना से सुबह हुई है और मैंने उसका ट्रांसफर आगरा उसके घर के पास करने का आदेश दिया है। झांसी पुलिस स्टेशन से हमें ऐसी रोशनी मिली है जिसने हमें प्रेरित किया है कि हम हर पुलिस लाइन में क्रेच के विकल्प की संभावनाओं को तलाश करें।”

वैसे बता दें कि कांस्टेबल अर्चना जयंत दो बच्चों की मां हैं, 10 साल की कनक और बच्ची अनिका। अर्चना, उत्तर प्रदेश पुलिस में साल 2016 में शामिल हुईं थीं। उस वक्त अर्चना ने अपनी परास्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं थीं। अर्चना के पति हरियाणा के गुड़गांव में एक शीर्ष कार निर्माता कंपनी में काम करते हैं।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Close