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केवल दो कॉन्स्टेबल के चलते पूरी पुलिस फोर्स को बदनाम करना सरासर गलत : डीजीपी ओपी सिंह

डीजीपी ओपी सिंह ने विवेक तिवारी हत्याकांड पर कहा कि केवल दो कॉन्स्टेबल के चलते पूरी पुलिस फोर्स को बदनाम करना गलत है। विवेक तिवारी जैसी घटना गलत है और हम सभी को उसका दुख है।

सौरभ शुक्ला
लखनऊ/बाराबंकी। लगातार पुलिसकर्मियों की आत्महत्या और विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। यूपी पुलिस के साथ ही राज्य सरकार की भी चारों तरफ अलोचना झेल रही है। हालांकि डीजीपी ओपी सिंह इसकी भरपाई करने की सारी मुमकिन कोशिश करने का दावा भी कर रहे हैं, हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस के कई सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया, वहीं विरोध में सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। उधर मामले में यूपी पुलिस की तरफ से अब कई सिपाहियों पर कार्रवाई हो चुकी है।

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि केवल नौकरी में तनाव के चलते ही पुलिसकर्मी आत्महत्या नहीं करते। पारिवारिक तनाव भी पुलिसकर्मियों की आत्महत्या की बड़ी वजहों में से एक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए हमने पुलिस विभाग में काउंसिलिग की व्यवस्था भी की है। वहीं विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर पूछे गए एक सवाल पर डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि सिर्फ एक-दो कॉन्स्टेबल यूपी पुलिस के ब्रांड एंबेसडर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि विवेक तिवारी जैसी घटना गलत है और हम सभी को इसका दुख है, लेकिन केवल दो कॉन्स्टेबल के चलते पूरी पुलिस फोर्स को बदनाम करना सरासर गलत है।

आरटीसी का किया औचक निरीक्षण
दरअसल उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओमप्रकाश सिंह आज आरटीसी के औचक निरीक्षण के लिए बाराबंकी पहुंचे थे। उन्होंने रंगरूटों की ट्रेनिंग को लेकर जांच पड़ताल की। वहीं लखनऊ से डीजीपी ओपी सिंह के आने की खबर तेजी से फैली और उनके निरीक्षण की जानकारी होते ही रास्ते में कई थानों की पुलिस अलर्ट हो गई। डीजीपी के आने की सूचना पर जिले के सभी थानों की पुलिस फोर्स मुस्तैद दिखी। डीजीपी सीधे बाराबंकी पुलिस लाइन पहुंचे और वहां उनकी अगवानी के लिए तैयार एसपी वीपी श्रीवास्तव ने उनका स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान डीजीपी ने जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ लाइन में मीटिंग की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने और अपराधियों के खिलाफ और सख्ती करने के निर्देश दिए।

बता दें राजधानी लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद आरोपी सिपाहियों के पक्ष में मुहिम छेड़ने वाले दो और सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। इसमें एक सिपाही लखनऊ में हजरतगंज कोतवाली में तैनात बृजेश तोमर है जबकि दूसरा बरेली में तैनात नीरज माथुर है। बता दें कि कुछ दिनों पहले हजरतगंज कोतवाली में तैनात बृजेश तोमर को बेस्ट कांस्टेबल ऑफ द मंथ का अवार्ड दिया गया था।

गौरतलब है कि कुछ संगठनों ने 5 अक्टूबर को काला दिवस मनाने की मुहिम सोशल मीडिया पर शुरू की थी। इसका असर राजधानी में देखने को मिला। हालांकि इस बीच सोशल मीडिया पर विरोध का स्वर मुखर करने वाले दो बर्खास्‍त सिपाहियों अविनाश पाठक और विजेंद्र यादव की गिरफ्तारी की बात भी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि डीजीपी के निर्देश के बाद दोनों को वाराणसी में गिरफ्तार किया गया है।

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