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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में धमाका, CRPF के 42 जवान मारे गए

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा ज़िले में लेथपोरा के पास श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर चरमपंथियों ने आईईडी धमाका कर सीआरपीएफ़ के काफिले को निशाना बनाया।

समय टुडे डेस्क
श्रीनगर। जम्मू से श्रीनगर जा रही सीआरपीएफ की 78 गाड़ियों के काफिले पर कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया। जम्मू-कश्मीर सरकार के सलाहकार के विजयकुमार ने बताया कि हमले में 40 जवान शहीद हो गए, कई घायल हैं। इस काफिले में 2547 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए अब तक का सबसे बड़ा हमला है। इससे पहले अक्टूबर 2001 में कश्मीर विधानसभा और जनवरी 2004 में सुरक्षा बलों के काफिले पर भी इसी तरह हमला हुआ था। विधानसभा पर हमले में 38 मौतें हुई थीं। 300 किलोमीटर का यह राजमार्ग रणनीतिक रूप से काफ़ी अहम है और हमेशा सुरक्षाबलों की चौकसी रहती है। ज़ख़्मी जवानों को श्रीनगर के सेना हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।

इस राजमार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है और पूरे इलाक़ों में हमलावरों को खोजने का काम चल रहा है।
सीआरपीएफ़ के जवान 54 बटालियन के थे। आईईडी धमाका इतना जबर्दस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए।

जैश के आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने दोपहर 3:15 बजे यह फिदायीन हमला किया। उसने एक गाड़ी में विस्फोटक भर रखे थे। जैसे ही सीआरपीएफ का काफिला लेथपोरा से गुजरा, आतंकी ने अपनी गाड़ी जवानों से भरी बस से टकरा दी। बताया जा रहा है कि आदिल ने स्कॉर्पियो में 350 किलोग्राम विस्फोट भर रखा था। पुलवामा के काकापोरा का रहने वाला आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से बात की। राजनाथ सिंह ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर और एनएसए डोभाल से बात की। केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा भूटान का दौरा छोड़ लौटे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द की। कहा- ये समय राजनीति पर बात करने का नहीं। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की सुबह 9.15 बजे होगी बैठक। कल एनआईए की 12 सदस्यीय टीम पुलवामा जाएगी।

इस हमले पर शोक जताते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘पुलवामा में जो आतंकवादी हमला हुआ है जिसमें हमारे जवान शहीद हुए हैं, इसकी वजह से हम ये अनुचित समझते हैं कि हम अभी राजनीतिक चर्चा करें। मैं सभी से आग्रह कंरूगी कि दो मिनट का मौन धारण करके शहीदों को श्रद्धांजलि दें। मैं उनके परिवारों को ये कहना चाहती हूं कि इस दुखद घड़ी में एक-एक देशवासी आपके साथ है, हम सबको बहुत दुख हुआ है। आप हौसला बनाए रखें। हम आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ पर कायरतापूर्ण और निंदनीय आतंकी हमला है। पूरा देश शहीदों को सलाम करता है और हम सभी उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। इस क्रूर कार्रवाई के लिए आतंकियों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा।

भारत के पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने इस चरमपंथी हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए ट्वीट किया है, एक सैनिक और भारतीय नागरिक होने के नाते इस कायरतापूर्ण हमले को लेकर मेरा ख़ून खौल रहा है। पुलवामा में हमारे बहादुर सैनिकों ने जान गंवाई है। मैं इस निःस्वार्थ बलिदान को सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि हमारे सैनिकों के ख़ून के हर क़तरे का बदला लिया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी ने इस हमले को कायरता पूर्ण बताते हुए ट्वीट किया, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर हुए कायरतापूर्ण हमले से व्यथित हूँ शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना और जो घायल हुए हैं, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, घाटी से भयावह ख़बर आ रही है। आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ़ के कई जवान मारे गए हैं। मैं इस हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। मैं घायलों के लिए दुआ करता हूँ और मारे गए जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, दुखी हूँ कि पुलवामा में 13 सीआरपीएफ़ जवान शहीद हो गए। हम अपने बहादुर जवानों को सैल्यूट करते हैं और उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। जो घायल हुए हैं, उनके लिए भी हम प्रार्थना कर रहे हैं। हम दुआ करते हैं कि वे जल्द ठीक हो जाएँ।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हमले पर कहा, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से काफ़ी सदमे वाली ख़बर आ रही है। मैं सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। भारतीय को इस दुख की घड़ी में एकजुट रहना चाहिए।

शहादत बेकार नहीं जाएगी- PM मोदी
मोदी ने कहा, पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घृणित है। जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है।’ राहुल ने भी इस हमले पर दुख जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह कायराना हरकत से मैं बुरी तरह व्यथित हूं।’

यूपी CM आदित्यनाथ ने की आतंकी हमले की निंदा, कहा यह मानवता के खिलाफ अपराध
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलावामा आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा, हम इस कायरता पूर्ण हमले की निंदा करते हैं। यह मानवता के खिलाफ अपराध है। हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरे देश को इसकी निंदा करनी चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करना चाहिए।

पहले कब हुए इस तरह से आतंकी हमले
1 अक्टूबर 2001 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया था। एक फिदायीन आतंकी विस्फोटकों से लदी टाटा सूमो में सवार था। उसने गाड़ी को विधानसभा के मेन गेट से टकरा दिया था। हमले में 38 मौतें हुई थीं। वहीं, 15 जनवरी 2004 को आतंकियों ने श्रीनगर के पास अर्द्धसैनिक बल के एक काफिले पर विस्फोटकों से भरी कार से हमला कर दिया था। हालांकि, इस हमले में कोई भी हताहत नहीं हुआ था।

जैश ने की पुष्टि, वकास कमांडो ने किया हमला
जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने एक लोकल मीडिया से कहा कि हमारा संगठन सीआरपीएफ के काफिल पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेता है। इस फिदायीन हमले को आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने अंजाम दिया। वह पुलवामा के गुंडी बाग से ऑपरेट करता था।

वकास का घर जलाने के बाद जैश ने जून में किया था ग्रेनेड अटैक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीनगर के बादशाह चौक में 2 जून 2018 को सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड अटैक किया गया था। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी। इससे पहले सुरक्षाबलों ने 31 मई की रात को वकास कमांडो का घर जला दिया था। सेना के इस एनकाउंटर में वकास बच निकला था।

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