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इमरान खान ने एक बार फिर अलापा कश्मीर राग, दिखी बौखलाहट

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की जुबां पर सिर्फ जम्मू-कश्मीर है। उन्हें अपने देश की बदहाली और गुरबत से ज्यादा फिक्र भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने पर है।

नेहा पाठक
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को अपने देश की चिंता कम है उन्हें परेशानी इस बात से है कि किस तरह जम्मू-कश्मीर पर दुनिया का कोई भी मुल्क उनकी बात पर ध्यान नहीं दे रहा है। चाहे इमरान खान खुद हों या उनके सिपहसालार सबकी जुबां पर सिर्फ कश्मीर रहता है। उनकी सुबह, शाम और रात सिर्फ कश्मीर की सोच में गुजरती है।

इमरान खान ट्वीट कर बताते हैं कि कश्मीर में पाबंदी का 32वां दिन है। पाबंदी के दौरान भारतीय फौज आम कश्मीरियों पर जुल्म ढा रही है। लोगों को मारा जा रहा है, पैलेट गन से शिकार किया जा रहा है। आम कश्मीरियों को भारत के अलग अलग जेलों में बंद किया गया है।

इमरान खान शायद भूल गए कि पाकिस्तान में जीवनरक्षक दवाओं की कमी की वजह से उन्होंने आंशिक व्यापार की मंजूरी दी। लेकिन उन्हें कश्मीर में दवाओं की कमी दिखाई दे रही है। वो कहते हैं कि कश्मीर में आवाश्यक चीजों की कमी है,पूर्णरूप से ब्लैकआउट है, संचार व्यवस्था के ठप होने की वजह से आम कश्मीरी अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं। लेकिन इन सबके बावजूद कश्मीर में बर्बरता की खबरें और तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जगह पा रही हैं।

इमरान कहते हैं कि जिस तरह से म्यूनिख में 1938 की वारदात पर दुनिया चुप बैठी रही ठीक वैसे ही अब कश्मीर में जो कुछ हो रहा है उस पर चुप नहीं बैठ सकती है। वो कहते हैं कि भारत सरकार ने एकतरफा फैसला किया जिसमें कश्मीर के लोगों की सहमति नहीं थी। लेकिन शायद वो भूल गए कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और केंद्र सरकार ने वहां के शासन की सहमति से अनुच्छेद 370 को हटाया गया।

जानकार कहते हैं कि इमरान सरकार को पता है कि वो कानूनी तौर अब कुछ नहीं कर सकती है। सिर्फ अपनी जनता के गुस्से से बचने के लिए उटपटांग बयान दिये जा रहा है। इमरान सरकार नहीं चाहती है कि पीओके में हुकूमत के खिलाफ उठ रही आवाज उनकी चारदिवारी से बाहर जाए। अभी हाल ही में जिस तरह से पीओके में जैश के लॉन्चिंग पैड देखे गए हैं उससे साफ है कि पाक फौज भी पूरी तरह हताश है। हताशा में वहां के रेल मंत्री बड़े बड़े बयान देते हैं, पाकिस्तान के जानकार कहते हैं कि सरकार की तरफ से जिस तरह से बयान आ रहे हैं उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है।

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