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अशोक गहलोत को सीएम और सचिन पायलट बनेंगे डिप्टी सीएम

राजस्थान के लिए सीएम और डिप्टी सीएम के नाम का ऐलान हो गया है। कांग्रेस ने अशोक गहलोत को सीएम और सचिन पायलट को डिप्टी सीएम बनाया है।

नेहा पाठक
नई दिल्ली। राजस्थान में हुए 11 दिसंबर को चुनावी नतीजों के बाद साफ हो गया था कि राजस्थान में जनता ने परंपरा को कायम रखा। इसका अर्थ ये है कि जनता ने बदलाव पर मुहर लगा दी थी। राजस्थान की सत्ता पर कांग्रेस काबिज हो चुकी थी। लेकिन सरकार की अगुवाई कौन करेगा इसे लेकर सस्पेंस बरकरार था। करीब दो दिन की कवायद के बाद राजस्थान का मुखिया कौन इसका पटाक्षेप हो गया और कांग्रेस के आलाकमान ने अशोक गहलोत के नाम पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही सचिन पायलट को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी।

सीएम और डिप्टी सीएम के नाम के ऐलान के बाद सचिन पायलट ने कहा कि मेरा और अशोक जी का जादू चल गया। हम सब सरकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर वो कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी को बधाई देते हैं कि उन्होंने सभी लोगों के बातों को सुना और परखा।

नामों के औपचारिक ऐलान से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक तस्वीर ट्ववीट की जिसमें उनकी बायीं तरफ सचिन पायलट का हंसता मुस्कुराता हुआ चेहरा है तो दाईं तरफ अशोक गहलोत के चेहरे पर हंसी का भाव देखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन दिया है यूनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्थान।

इस ट्वीट से करीब 19 घंटे पहले जब मध्य प्रदेश के सीएम के नाम का ऐलान हुआ तो राहुल गांधी ने ट्वीट किया था। उस ट्वीट में ज्योतिरादित्य सिंधिया राहुल गांधी की दाईं तरफ हैं और कमलनाथ बाईं तरफ हैं। इस फोटो के साथ ही उन्होंने लियो टॉलस्टाय का जिक्र करते हुए दो योद्धा, समय और धैर्य का जिक्र किया है। इस कोट के तमाम मायने हो सकते हैं। लेकिन अब ये साफ हो चुका है कि मध्य प्रदेश के अगले निजाम कमलनाथ होंगे।

सीएम पद के अहम दावेदार अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के फैसले में कोई देरी नहीं हो रही है, बीजेपी झूठ फैला रही है। बीजेपी ने खुद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सीएम के चुनाव के लिए 7 दिन और 8 दिन लगाए थे। जब कभी भी इस तरह के अहम फैसले लिए जाते हैं समय लगता है। प्रक्रिया में समय लगता है, इस पर चर्चा लगातार जारी है।

राजस्‍थान में कांग्रेसी नेता अशोक गहलोत बड़े कद के नेता हैं। राज्‍य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में वह काफी समय से लगे थे। अपने राजनीतिक जीवन में वह कमाल के जादूगर हैं। निजी जीवन की बात करें तो उनके पिता बाबू लक्ष्मण सिंह गहलोत देश के जाने-माने जादूगर थे। अशोक गहलोत ने अपने पिता से उन्‍होंने यह फन सीखा। अपने स्‍कूली दिनों में उन्‍होंने इसका प्रदर्शन भी किया। इन दिनों में जेब में फूल डालकर रुमाल निकालने और कबूतर उड़ाने की कला में वह माहिर थे।

अशोक गहलोत ने सरदारपुरा सीट से जीत दर्ज की है, यहीं पर उनका पुश्‍तैनी घर भी है। यह विधानसभा क्षेत्र जोधपुर में आता है। यहीं के पुश्‍तैनी घर में वर्ष 1951 में उनका जन्म भी हुआ। इस घर के एक कमरे को वो अपने लिए बेहद लकी मानते हैं। इसकी खास बात ये कि वे जब भी मतदान के लिए जाते हैं तो यहीं से जाते हैं। यहीं के जैन वर्धमान स्कूल में उन्‍होंने पांचवीं तक पढ़ाई की थी। 1962 में उन्‍होंने छठी में सुमेर स्कूल में दाखिला लिया।

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