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अमित शाह और सीएम योगी ने की RSS-बीजेपी नेताओं के साथ बैठक

लखनऊ में बुधवार को RSS-BJP की एक बड़ी बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन सबसे बड़ी चर्चा राम मंदिर पर हुई। बैठक में सीएम योगी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहे।

सौरभ शुक्ला
लखनऊ। बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को लखनऊ के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके कई मंत्रिमंडल सहयोगियों ने हवाई अड्डे पर शाह का स्वागत किया। लखनऊ के आनंदी वाटर पार्क में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के पदाधिकारी तथा बीजेपी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की रणनीति को लेकर पार्टी संगठन और RSS के पदाधिकारियों के साथ बुधवार को लखनऊ में एक बैठक की।

मिली जानकारी के मुताबिक बैठक शाम सात बजे तक चली। इस बैठक में राम मंदिर पर सबसे अधिक देर तक चर्चा हुई। संघ के लोगों ने राम मंदिर पर ठोस रणनीति बनाने के लिए कहा। कई पदाधिकारियों ने कानून बना कर मंदिर निर्माण के लिए कहा।

बैठक के बाद बीजेपी के एक नेता ने बताया कि संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में किये जा रहे विकास कार्यो की सराहना की। बैठक का मुख्य मुद्दा आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों के मददेनजर केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यों के बारे में जनता के बीच में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार था।

पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पार्टी अध्यक्ष और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों को राज्य सरकार के पिछले डेढ़ साल में किये गये विकास और जन कल्याणकारी कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सरकार ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किये जाने की बाबत भी बताया।

संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘संघ के कार्यकर्ता बैठक में आते है और उस समय की सामाजिक परिस्थितियों पर हम लोग विचार करते हैं। जहां जहां जो जो विचार हमारे कार्यकर्ताओं को काम करते समय मिलते हैं उनको लेकर छह महीने बाद हम लोग एकत्र होते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक बैठक शाम सात बजे तक चली। इस बैठक में राम मंदिर पर सबसे अधिक देर तक चर्चा हुई। संघ के लोगों ने राम मंदिर पर ठोस रणनीति बनाने के लिए कहा। कई पदाधिकारियों ने कानून बना कर मंदिर निर्माण के लिए कहा। कुल मिला कर शाह संघ, संगठन और सरकार का फीडबैक अपने साथ ले गए।

उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के हमारे चालीस संगठनों में काम करने वाले हमारे स्वंयसेवक कार्यकर्ता यहां पर एकत्र हुए। यह हमारी नियमित बैठक है, जो समय-समय पर होती है, इसमें हम भिन्न कार्यक्रमों की चर्चा करते हैं। भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हैं। बैठक में बीजेपी के लोग भी आते है।

बैठक के बारे में जब बीजेपी प्रवक्ता चंद्रमोहन से बात की गयी तो उन्होंने कहा, बीजेपी विकास के मुद्दे पर ऐसी बैठकें नियमित तौर पर करती है। यह राजनीतिक बैठक नहीं थी। यह बैठक राष्ट्रहित के संदर्भ में थी और बैठक में राष्ट्र के अलग अलग मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। उनसे पूछा गया कि क्या 2019 के लोकसभा चुनाव पर बैठक में कोई चर्चा हुई तो उन्होंने जवाब दिया कि चुनाव पर कोई चर्चा नहीं हुई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। शाह 2019 आम चुनाव से पहले राज्य सरकार और पार्टी के बीच समन्वय को बेहतर बनाने और कार्यकर्ताओं में असंतोष को शांत कराने के लिए यहां पहुंचे थे. इस दौरान यह बात सामने आई कि संघ और भाजपा पदाधिकारियों के प्रदेश के मंत्रियों के कामकाज के रवैया पर सवाल उठाया। इस पर अमित शाह ने 29 अक्‍टूबर को मंत्रियों को संगठन के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने को कहा है।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि भाजपा नेतृत्व प्रवीण तोगड़िया और सहयोगी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जैसे हिंदुत्व नेताओं द्वारा कठोर रुख अपनाने को लेकर भी चिंतित है, जो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रही देरी के लिए केंद्र सरकार और भाजपा पर लगातार निशाना साध रहे हैं। तोगड़िया ने मंगलवार को हिंदुओं के लिए एक राजनीतिक दल गठित करने की बात कही थी और राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भाजपा पर हिंदुओं की भावनाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।

बैठक के बारे में जब बीजेपी प्रवक्ता चंद्रमोहन से बात की गयी तो उन्होंने कहा, बीजेपी विकास के मुद्दे पर ऐसी बैठकें नियमित तौर पर करती है। यह राजनीतिक बैठक नहीं थी। यह बैठक राष्ट्रहित के संदर्भ में थी और बैठक में राष्ट्र के अलग अलग मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ।

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