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‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण

नारी आरंभ से ही सृजन, सम्मान और शक्ति की प्रतीक है व सामाजिक व आर्थिक बदलाव की नई कहानियाँ गढ़ रही हैं महिलाएं - डाक निदेशक के.के.यादव

हिमानी शुक्ला
लखनऊ। भारतीय संस्कृति में नारी को आरंभ से ही सृजन, सम्मान और शक्ति का प्रतीक माना गया है। नारी का कार्यक्षेत्र न केवल घर बल्कि सारा संसार है। नारी सशक्तिकरण के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। उक्त उदगार लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ पर विशेष आवरण (लिफाफा) व विरूपण जारी करते हुए व्यक्त किये। उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा “महिला किसान उत्पादक कंपनियों के सफल संचालन का जश्न” थीम पर इसे महिला किसानों को सम्मान देने के क्रम में जारी किया गया है। कृषि कार्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली तमाम महिलाओं को श्री यादव ने सम्मानित भी किया। इस अवसर पर महिलाओं को उनके चित्र वाली माई -स्टैम्प प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि नारी आज न सिर्फ सशक्त हो रही है, बल्कि लोगों को भी सशक्त बना रही है। स्वयं सहायता समूहों की बदौलत गाँव-देहात से निकली तमाम महिलायें आज सामाजिक व आर्थिक बदलाव की नई कहानियाँ गढ़ रही हैं। ऐसे में नारी का आर्थिक सशक्तिकरण आज सिर्फ एक जरूरत ही नहीं बल्कि विकास और प्रगति का अनिवार्य तत्व है।

इस अवसर पर डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, फिलेटलिस्ट्स और महिलाएँ उपस्थित रहीं।

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