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अंग्रेज तमंचे से नहीं, लेखक से डरते थे : उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा

उत्तर प्रदेश के उपमुख्मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पत्रकारिता दिवस 30 मई के कार्यक्रम में पत्रकारों को सकारात्मक पत्रकारिता करने का आह्वान किया है।

आशुतोष शुक्ला
आगरा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पत्रकारों को सकारात्मक पत्रकारिता करने का आह्वान किया है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अंग्रेज जितना तमंचे से नहीं डरते थे, उतना लेखक से डरते थे। पत्रकार शब्दों से क्रांति पैदा करते थे। उन्होंने इशारों में कहा कि फर्जी पत्रकारों को छांटना बड़ी चुनौती है।

पत्रकारिता में भारत कहीं पीछे नहीं था
डॉ. दिनेश शर्मा संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा पत्रकारिता दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय था- राष्ट्रवाद और मीडिया। उन्होंने कहा कि आज की जो पत्रकारिता है, उससे कहीं अधिक लाइव टेलीकास्ट महाभारत में हुआ था। आजकल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू से समाचार तुरंत पहुंच जाता है। भारत में तो हजारों साल पहले नारद जी नारायण नरायण नारायण कहते थे और समाचार पहुंचाते थे। यानी कि पत्रकारिता में भारत कहीं पीछे नहीं था। नैतकिता, ग्राह्यता और तकनीकी युग में भारत आगे था।

समय के साथ प्राथमिकता में बदलाव आया
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय बदला है। पहले आचार्य धोती कुर्ता पहनकर जाते थे, अब पैंट पहनकर जाते हैं। मोबाइल से लाइवटेलीकास्ट हो रहा है। इसके साथ ही हमारे आचार, व्यवहार, संस्कार और प्राथमिकता में अंतर आ रहा है। पहले अंग्रेजों के खिलाफ लड़ना था। फिर गरीबी हटाओ, स्वास्थ्य की रक्षा जैसे मुद्दों पर आ गए। समाज की बदलती प्रवृत्ति को ठीक करना और समाज की दिशा को तय करना राष्ट्रवाद है। समाचार के क्षेत्र में उद्योगपतियों के आने से प्राथमिकता में बदलाव आ गया। अगर पत्रकार निष्पक्ष होकर लिखता है तो अखबार बदलना पड़ता है। समय और परिस्थितियों के आधार पर राष्ट्र की संरचना में पत्रकारों का बड़ा योगदन है। सरकारें बदली हैं तो चीजों को उजागर करने में प्रेस का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक चीजों को भी दिखाया जाना चाहिए।

पत्रकारिता दिवस के मौके पर इनका हुआ सम्मान
वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना, अरिवन्द शर्मा (गुड्डू भाई), पवन सिंह, पीपी सिंह, आदर्श नंदन गुप्त, डॉ. भानु प्रताप सिंह, केशव अग्रवाल, दीपू भाई, डॉ. डीपी शर्मा का सम्मान हुआ। डॉ. डीसी गोयल का भी सम्मान किया जाना था, लेकिन वे दिल्ली में थे। डॉ. गोयल ने भारत बंद के दौरान घायल हुए पत्रकारों को निःशुल्क इलाज किया था। भारत बंद के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसएसपी अमित पाठक और पत्रकारों के साथ हुई लूटपाट के लिए आर्थिक मदद के लिए जिलाधिकारी आगरा गौरव दयाल का सम्मान किया जाना था, लेकिन वे उपमुख्यमंत्री के साथ चले गए। डॉ. डीपी शर्मा ने पत्रकारों का इलाज 50 फीसदी छूट पर करने की घोषणा की। उन्होंने ट्रांस यमुना क्षेत्र में चल रहे फर्जी अस्पतालों पर अंकुश की बात कही।

मंच पर ये रहे विराजमान
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और आगरा के सांसद प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया, फतेहपुर सीकरी से भारतीय जनता पार्टी के सांसद चौधरी बाबूलाल, विधायक जगन प्रसाद गर्ग , महेश गोयल, पूर्व सांसद प्रभुदयाल कठेरिया, भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, समाजसेवी गौरव बंसल, भरत शर्मा, स्वप्निल चाहर आदि मंच पर विराजमान रहे। अतिथियों ने पत्रकारों की दूरभाष निर्देशिका का विमोचन भी किया।

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